ठाणे में शिवसेना-भाजपा टकराव तेज: उपमहापौर कृष्णा पाटिल की खुली चुनौती, कहा- इस्तीफा देकर फिर लड़ें चुनाव
Thane Political Dispute: ठाणे मनपा में शिवसेना और भाजपा का विवाद और बढ़ गया है। उप महापौर कृष्णा पाटिल ने शिवसेना को चुनौती देते हुए सभी नगरसेवकों से इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ने को कहा है।
- Written By: रूपम सिंह
शिवसेना-भाजपा एकनाथ शिंदे कृष्णा पाटिल डिजाइन फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Thane Municipal Corporation Political Dispute: राज्य के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के होम टाउन में शिवसेना-भाजपा का विवाद कम नहीं हो रहा है। दोनों के बीच खटास कम होने की बजाय बढ़ती जा रही है। सोमवार को उप मुख्यमंत्री शिंदे ने नगरसेवकों के विवाद को मिल बैठकर सुलझाने का दावा किया था। लेकिन मंगलवार को उप महापौर कृष्णा पाटिल ने शिवसेना को चुनौती देकर विवाद की आग में घी डालने का काम किया है। उप महापौर कृष्णा पाटिल ने कहा है कि सभी लोग इस्तीफा दें और फिर से चुनाव लड़ें और अगर ऐसा होता है तो ठाणे की जनता तय करेगी कि सत्ता में कौन रहेगा? उप महापौर की चुनौती के बाद शिवसेना की तरफ से भी कड़ी प्रतिक्रिया मिलने की संभावना जतायी गयी है।
जनता तय करेगी कि सत्ता में कौन रहेगा
पिछले सप्ताह शुक्रवार को मनपा की चौथी सर्वसाधारण सभा में विषय पत्रिका, प्रश्नोत्तर काल और कार्यवाही के क्रम को लेकर भाजपा व शिवसेना के नगरसेवकों के बीच तीखी नोंक झोंक हुई थी। एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी के बीच भाजपा के नगरसेवक महापौर के डायस तक पहुंच हो गए थे। हंगामे के बीच शिवसेना ने बहुमत के
आधार पर महज पांच मिनट में 232 में से 231 प्रस्ताव मंजूर कर लिए थे।
इस पर भाजपा नगरसेवकों ने आक्रामक रुख अख्तियार किया था। भाजपा नगरसेवकों ने शिवसेना पर मनमानी का आरोप लगाते हुए शिवसेना मुर्दाबाद -शिवसेना हाय हाय की नारेबाजी की थी। महापौर डायस के सामने भाजपा नगरसेवकों ने धरना आंदोलन शुरू कर दिया था। इस बीच राष्ट्रगीत बजा कर महासभा की कार्यवाही समाप्त कर दी गयी थी। भाजपा नगरसेवक राष्ट्रगीत का अपमान का आरोप लगाते हुए नौपाडा पुलिस स्टेशन में मनोज शिंदे एवं राजेश मोरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की थी।
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अभी तक नहीं हुई समिति गठित
हगामे के बाद शिवसेना की महिला संगठक एवं पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे ने भाजपा नगरसेवकों द्वारा शिवसेना के खिलाफ की गई घोषणाबाजी को गठबंधन धर्म की उपेक्षा बताया था और कहा था कि सत्ता में एक साथ बैठने के बावजूद अगर बीजेपी के लोग इस तरह का व्यवहार करते हैं तो इससे अच्छा है कि सत्ता से बाहर हो जाना चाहिए। मीनाक्षी शिंदे की यह बात उपमहपौर कृष्णा पाटिल को नागवार गुजारी है।
उप महापौर कृष्णा पाटिल ने मंगलवार को मनपा मुख्यालय मैं पत्रकार परिषद का आयोजन कर शिवसेना को चुनौती दी है। पाटिल ने कहा है, सभी लोग इस्तीफा दे और फिर से चुनाव लड़े और अगर ऐसा होता हो तो ठाणे की जनता तय करेगी कि सत्ता में कौन रहेगा।
ठाणे मनपा चुनाव हुए चार महीने का समय बीत चुका है। लेकिन अभी तक मनपा की स्थायी समिति सहित कोई भी समिति गठित नहीं हुई है। आपसी विवाद की वजह से स्वीकृत नगरसेवकों एवं मनपा परिवहन समिति के सदस्यों की नियुक्ति नहीं हो सकी है।
सूत्र बताते है कि शिवसेना परिवहन समिति में भाजपा को हिस्सेदारी नहीं देना चाहती है। यही नहीं मनपा की समितियों से भी भाजपा को दूर रखना चाहती है। जिसको लेकर भाजपा दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।
