मुंब्रा में रिश्वत लेते ASI रंगे हाथों गिरफ्तार, 25 हजार रुपये की मांग हुई फेल

Thane News: ठाणे में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मुंब्रा ASI शशिकांत भालेराव को 25 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता की मदद करने का वादा कर रंगे हाथों पकड़ाया गया।
मुंब्रा एएसआई गिरफ्तार (pic credit; social media)
मुंब्रा एएसआई गिरफ्तार (pic credit; social media)
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Mumbra ASI Arrested: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के अधिकारियों ने मुंब्रा के एक सहायक पुलिस उपनिरीक्षक (ASI) शशिकांत लक्ष्मण भालेराव को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एएसआई भालेराव ने मुंब्रा पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले में शिकायतकर्ता से 50,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच 25,000 रुपये देने का तय किया गया था।

शिकायतकर्ता के स्कूटर को जब्त कर लेने के बाद एएसआई ने मदद करने और वाहन वापस दिलाने का बहाना बनाकर रकम की मांग की। इसके बाद शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ठाणे में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद ठाणे ACB ने कार्रवाई शुरू की और एएसआई को रंगे हाथों पकड़ लिया।

पुलिस अधीक्षक पाटिल और अपर पुलिस अधीक्षक सोनावणे के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई से प्रशासन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश दिया है। एएसआई भालेराव के खिलाफ सरकारी नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय नागरिकों ने इस गिरफ्तारी पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई से जनता का भरोसा पुलिस और प्रशासन में बढ़ेगा। एसीबी ने कहा कि किसी भी सरकारी अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगने की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

गिरफ्तारी के दौरान एसीबी अधिकारियों ने कहा कि शिकायतकर्ता की सुरक्षा और गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसे किसी भी मामले में आम नागरिकों को डरने की जरूरत नहीं है।

मुंबई उपनगरों में रिश्वतखोरी के खिलाफ यह कार्रवाई एक उदाहरण साबित होगी। प्रशासन का उद्देश्य सभी सरकारी अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को ईमानदारी से काम करने के लिए प्रेरित करना है। इस गिरफ्तारी से यह स्पष्ट हो गया है कि भ्रष्टाचार पर न केवल निगरानी है बल्कि उसे खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

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