

Nagpur Bribe News: नागपुर में सब-इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल के खिलाफ 1 लाख रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप में मामला दर्ज हो गया है। आरोपी के खिलाफ कमजोर चार्जशीट बनाकर मदद पहुंचाने की एवज में 1 लाख रुपये बतौर रिश्वत मांगने वाले आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) के सब-इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कानून के तहत मामला दर्ज किया है।
नागपुर पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी पर रिश्वतखोरी का मामला दर्ज होने से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है। आरोपियों में पीएसआई गणेश गोविंद राऊत (51) और हेड कांस्टेबल श्रीहरिनगर गोधनी रोड निवासी चंद्रशेखर दामोदर घागरे (50) का नाम शामिल है।
36 वर्षीय शिकायतकर्ता के खिलाफ पारिवारिक जमीन से जुड़ा धोखाधड़ी का मामला वाठोड़ा थाना में दर्ज हुआ था। इस प्रकरण की जांच ईओडब्ल्यू के पीएसआई गणेश राऊत और उनके राइटर घागरे को सौंपी गई थी। प्रकरण में शिकायतकर्ता की गिरफ्तारी भी हुई थी और जेल की हवा भी खानी पड़ी थी।
जांच के बहाने पुलिस सब इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया। उसके खिलाफ न्यायालय में दायर होने वाली चार्जशीट और कमजोर सबूत रखने के लिए 1 लाख रुपये की मांग की। पीड़ित ने मामले की शिकायत एसीबी से की।
एसपी सागर कवड़े और एडिशनल एसपी सचिन कदम के मार्गदर्शन में एसीबी की टीम ने रिश्वत की मांग की जांच की। आरोपियों ने पंच के समक्ष शिकायतकर्ता से 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। 4 अगस्त को इंस्पेक्टर मयूर चौरसिया, विवेक पड़धान और उनकी टीम ने सिविल लाइंस स्थित पुलिस भवन में दोनों आरोपियों को रंगेहाथ पकड़ने के लिए ट्रैप लगाया।
आरोपी सब इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल ने शिकायतकर्ता से मुलाकात तो की लेकिन एसीबी ट्रैप होने की आशंका से रकम स्वीकार नहीं की लेकिन पंच के समक्ष आरोपी रिश्वत की मांग कर चुके थे, इसीलिए दोनों के खिलाफ सदर थाने में मामला दर्ज किया गया है। एसीबी ने दोनों आरोपियों को सूचनापत्र देकर शुक्रवार को जांच के लिए एसीबी कार्यालय में हाजिर होने का आदेश दिया है। दोनों आरोपियों के घर की तलाशी जारी है।