उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai-Thane Infrastructure News: मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) की मीटिंग में 48,000 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई है। एमएमआरडीए के माध्यम से ठाणे और कल्याण का कायाकल्प किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि ठाणे को ‘मोबिलिटी हब’ के रूप में विकसित किया जाएगा। कल्याण भविष्य का एक एडवांस्ड अर्बन सेंटर बनकर उभरेगा। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन को विकसित करने की दिशा में काम चल रहा है। ठाणे शहर को मुंबई का एक अहम गेटवे मानते हुए, यहां 12 से 13 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ठाणे-बोरीवली डबल टनल परियोजना के लिए 3,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह 12 किलोमीटर लंबी परियोजना है। इसके लिए कुल 18,838 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजरी दी गई है। ठाणे में मेट्रो नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। कासरवडावली से वडाला मेट्रो 4, मेट्रो 4-ए (गायमुख तक एक्सटेंशन) और स्वामी समर्थ नगर से विक्रोली मेट्रो 6 के प्रोजेक्ट ठाणे-मुंबई कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएंगे।
कोस्टल रोड के लिए 1025 करोड़ ठाणे कोस्टल रोड के पहले चरण के लिए 1,025 करोड़ रुपये और आनंद नगर-साकेत एलिवेटेड रोड के लिए 880 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। रायलदेवी और मसुंदा झीलों के सौंदर्याकरण और कोलशेत-काल्हेर क्रीक ब्रिज के लिए 214 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उपमुख्यमंत्री शिंदे के अनुसार कल्याण-डोंबिवली इलाके को भविष्य में एक प्लान्ड अर्बन सेंटर के तौर पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए 2500 से 3,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ट्रैफिक जाम से राहत के लिए 1,239 करोड़ रुपये के कल्याण रिंग रोड परियोजना के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
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भिवंडी-कल्याण मेट्रो 5, उल्हासनगर एक्सटेंशन 5-A और कांजुरमार्ग-बदलापुर मेट्रो 14 की वजह से कल्याण एमएमआर क्षेत्र में ‘ट्रांजिट हब’ बन जाएगा, लगभग 584 करोड़ रुपये की लागत वाली ऐरोली-कटाई नाका रोड नवी मुंबई से कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी।
एमएमआर क्षेत्र की पानी की समस्या का हल निकालने के लिए ‘पोशीर’ और ‘शिलार’ डैम के काम में तेजी लाने का निर्देश उपमुख्यमंत्री शिंदे ने दिए है। उन्होंने कहा कि बढ़ते ट्रैफिक समस्या को कम करने के लिए 337 किमी मेट्रो नेटवर्क के साथ पॉड टैक्सी, बोट टैक्सी, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, फ्लाईओवर, अंडरग्राउंड सड़कें और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का एक बड़ा प्लान लागू किया जा रहा है।