मुंबई कोस्टल रोड पर बवाल: पाइलिंग के झटकों से कांप रही हैं इमारतें, अब VJTI की टीम करेगी 'भूकंप' वाली जांच

Mumbai Coastal Road News: मुंबई कोस्टल रोड के दूसरे चरण के काम से चारकोप में भूकंप जैसे झटके महसूस हो रहे हैं। निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए BMC ने VJTI विशेषज्ञों को नियुक्त किया है।
Mumbai Coastal Road Charkop Vibration VJTI Audit Safety
मुंबई कोस्टल रोड (सोर्स: सोशल मीडिया)
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VJTI Vibration Study: बीएमसी ने मुंबई कोस्टल रोड परियोजना के दूसरे चरण में चल रहे खुदाई कार्य का सर्वे कराने के लिए वीजेटीआई को नियुक्त करने का निर्णय लिया है। यह कदम मुंबई के चारकोप इलाके में रहने वाले निवासियों की शिकायतों के बाद उठाया गया है, जिन्होंने आरोप लगाया है कि कोस्टल रोड परियोजना के लिए चल रहे पाइलिंग कार्य के कारण भूकंप जैसी कंपन महसूस हो रही है।

वीजेटीआई को नियुक्त करने का यह फैसला निवासियों और बीएमसी अधिकारियों के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया। इस बैठक की अध्यक्षता भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने की। वीजेटीआई के डायरेक्टर सचिन कोरे ने बताया कि गुरूवार को वीजेटीआई की टीम ने कोस्टल रोड निर्माणाधीन स्थलों की जांच की। इमारतों की स्थिरता को ऑडिट किया जाएगा। इसके अलावा आज यानी शुक्रवार से जगह-जगह सेंसर लगाए जाएंगे, ताकि कंपन का अध्ययन किया जा सके। सचिन कोरे ने बताया कि यह सभी काम स्थानीय निवासियों को विश्वास में रख कर किया जाएगा।

क्या करेंगी वीजेटीआई ?

वहीं बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि काम शुरू करने से पहले इलाके में मौजूद आवासीय इमारतों का संरचनात्मक ऑडिट एक विशेषज्ञ परामर्श कंपनी द्वारा किया गया था, जिसके आधार पर इस महीने पाइलिंग कार्य शुरू किया गया। वीजेटीआई के विशेषज्ञ उन अध्ययनों का मूल्यांकन करेंगे और यदि आवश्यक हुआ, तो नया अध्ययन भी किया जाएगा। संस्थान द्वारा औपचारिक रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद, सेंसर लगाकर कंपन के स्तर की निगरानी के साथ पाइलिंग कार्य फिर से शुरू किया जाएगा। कंपन से जुड़ी शिकायतें 11 फरवरी से शुरू हुईं, जब कोस्टल रोड परियोजना के लिए परीक्षण पाइलिंग कार्य शुरू किया गया था।

लिखित गारंटी प्रदान की जाए

कार्य आरंभ करने से पूर्व स्थानीय निवासियों को कोई पूर्व सूचना अथवा परामर्श नहीं दिया गया था। पत्र में संजय उपाध्याय ने आयुक्त को कहा है कि किसी भी कार्य की शुरुआत से पूर्व प्रभावित निवासियों को पूर्ण जानकारी प्रदान की जाए तथा उनकी राय ली जाए। समस्त निकटवर्ती इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा की जांच वीजेटीआई अथवा आईआईटी के विशेषज्ञों द्वारा कराई जाए, कार्य के दौरान किसी प्रकार की क्षति अथवा दुर्घटना न होने की लिखित गारंटी प्रदान की जाए। किसी भी दुर्घटना की स्थिति में पूर्ण दायित्व स्वीकार करने का लिखित आश्वासन दिया जाए। निर्माण संबंधी समस्त नियमों एवं सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

भाईंदर से जुड़ेगा वर्सोवा

कोस्टल रोड का दूसरा चरण पश्चिमी उपनगरों में वर्सोवा को भाईंदर से जोड़ेगा। इस सड़क में कई भूमिगत सुरंगें, एक केबल-स्टे ब्रिज और वाहन इंटरचेंज होंगे। कोस्टल रोड गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड से भी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जो एक पूर्व-पश्चिम संपर्क मार्ग है और जिसका निर्माण भी बीएमसी कर रही है। दक्षिण मुंबई के मरीन ड्राइव और गिरगांव क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों ने भी कोस्टल रोड परियोजना के पहले चरण के दौरान पाइलिंग कार्य के समय कंपन महसूस होने की शिकायतें की थीं।

बोरीवली विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजय उपाध्याय ने कहा कि कोस्टल रोड कार्य के दौरान किसी प्रकार की क्षति या दुर्घटना न होने की लिखित गारंटी प्रदान की जाए। निर्माण संबंधी समस्त नियमों एवं सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

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