मीरा-भाईंदर में बिजली बिलों पर बवाल, व्हीलिंग चार्ज में डबल वसूली का आरोप, 8 मार्च को होगा सिग्नेचर कैंपेन

Wheeling Charge Controversy: मीरा-भाईंदर में बिजली बिलों पर व्हीलिंग, ट्रांसमिशन और फिक्स्ड चार्ज के नाम पर डबल वसूली के आरोपों को लेकर उपभोक्ताओं में नाराज़गी बढ़ी।
Adani Electricity complaint
double billing allegations (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Mira Bhayander Electricity Bill: मीरा-भाईंदर क्षेत्र में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के बीच बिजली बिलों में बढ़ते अतिरिक्त शुल्कों को लेकर भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि अडानी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई लिमिटेड द्वारा व्हीलिंग चार्ज, ट्रांसमिशन चार्ज और फिक्स्ड चार्ज जैसे अलग-अलग नामों पर डबल वसूली की जा रही है, जिससे आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।

इस संबंध में स्थानीय नागरिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप दिलीप जंगम (ज़िद्दी मराठा प्रतिष्ठान) ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की स्वतंत्र जांच और अनुचित वसूली की वापसी की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

घरेलू बिजली बिलों में ऊर्जा शुल्क (एनर्जी चार्ज) के अलावा कई अतिरिक्त शुल्क जोड़े जा रहे हैं। जंगम का कहना है कि व्हीलिंग चार्ज उस स्थिति में लिया जाता है जब किसी अन्य सप्लायर द्वारा वितरण कंपनी के नेटवर्क का उपयोग किया जाता है, लेकिन मीरा-भाईंदर क्षेत्र में एकमात्र वितरण कंपनी स्वयं अडानी इलेक्ट्रिसिटी है। ऐसे में घरेलू उपभोक्ताओं से व्हीलिंग चार्ज वसूलना तर्कसंगत नहीं लगता। नागरिकों का आरोप है कि एक ही वितरण प्रणाली के अंतर्गत ट्रांसमिशन और व्हीलिंग दोनों नामों से शुल्क लेना “डबल कलेक्शन” की श्रेणी में आता है।

बढ़ती दरें, बढ़ता बोझ

जहां देश के कई राज्यों में 200 से 300 यूनिट तक बिजली रियायती या मुफ्त दी जा रही है, वहीं मीरा-भाईंदर में बिजली दरें अपेक्षाकृत अधिक होने की शिकायत सामने आई है। इसका सीधा असर मध्यम वर्ग, कामगार वर्ग, पेंशनभोगियों और वरिष्ठ नागरिकों पर पड़ रहा है। महंगाई के दौर में बिजली बिल घरेलू बजट को झटका दे रहे हैं।

नियामक प्रक्रिया पर भी सवाल

उपभोक्ताओं ने महाराष्ट्र इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि टैरिफ वृद्धि से पहले प्रभावी सार्वजनिक सुनवाई नहीं होती, दर संरचना आम नागरिक की समझ से परे है और शिकायतों पर पारदर्शी व समयबद्ध कार्रवाई का अभाव है। नागरिकों का कहना है कि यह स्थिति उपभोक्ता अधिकारों और लोकतांत्रिक पारदर्शिता के विरुद्ध है।

छह प्रमुख मांगें

शिकायत में मीरा-भाईंदर के घरेलू उपभोक्ताओं पर लगाया गया ‘

Adani Electricity complaint
(सोर्सः सोशल मीडिया)

’ तुरंत समाप्त करने, ट्रांसमिशन और व्हीलिंग के नाम पर संभावित डबल कलेक्शन की स्वतंत्र जांच कराने, फिक्स्ड चार्ज और अन्य अतिरिक्त शुल्कों पर सख्त सीमा तय करने, बिजली बिल संरचना की स्वतंत्र ऑडिट कराने, अनुचित वसूली की गई राशि उपभोक्ताओं को रिफंड या एडजस्टमेंट के रूप में वापस करने तथा भविष्य में किसी भी नए चार्ज से पहले अनिवार्य जनसुनवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

8 मार्च को सिग्नेचर कैंपेन का ऐलान

यदि शिकायत पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो 8 मार्च (अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस) को सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक मीरा-भाईंदर क्षेत्र में एक दिवसीय सिग्नेचर कैंपेन चलाया जाएगा। ज़िद्दी मराठा प्रतिष्ठान का कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का मुद्दा नहीं, बल्कि हजारों घरेलू बिजली उपभोक्ताओं की सामूहिक आवाज़ है। यदि बिजली कंपनी की ओर से लिखित जवाब या सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो आगे बड़े स्तर पर जनआंदोलन, सोशल मीडिया अभियान और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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