एक पुलिसकर्मी पर 2,250 नागरिकों का भार, मीरा-भाईंदर-वसई-विरार में पुलिस व्यवस्था पर बढ़ता दबाव
Urban Policing Crisis: मीरा-भाईंदर और वसई-विरार में एक पुलिसकर्मी पर 2,250 नागरिकों का भार है, जहां 45 लाख की आबादी के लिए करीब 10 हजार पुलिसकर्मियों की जरूरत बताई जा रही है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Vasai Virar police force (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Law And Order: तेज़ी से बढ़ती आबादी, अपराधों में इज़ाफ़ा और सीमित पुलिस बल इन तीनों के बीच मीरा-भाईंदर और वसई-विरार की कानून-व्यवस्था लगातार दबाव में है। हालात ऐसे हैं कि यहां एक पुलिसकर्मी पर औसतन 2,250 नागरिकों की ज़िम्मेदारी है। संयुक्त राष्ट्र के मानकों के अनुसार, इस क्षेत्र को मौजूदा संख्या से कई गुना अधिक पुलिस बल की सख्त आवश्यकता है।
45 लाख की आबादी, सिर्फ 2,080 पुलिसकर्मी
मीरा-भाईंदर -वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र की कुल जनसंख्या 45 लाख से अधिक है, जबकि यहां तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या केवल 2,080 है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, प्रति एक लाख आबादी पर 222 पुलिस अधिकारी होने चाहिए। इस गणना के अनुसार, मीरा-भाईंदर क्षेत्र को करीब 10,000 पुलिसकर्मियों की आवश्यकता है।
10 हजार पुलिसकर्मियों की ज़रूरत
पुलिस आयुक्तालय में कुल 3,087 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 1,079 पद रिक्त हैं। इनमें से 921 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है, जिसमें 840 पुलिस कांस्टेबल और 81 पुलिस वाहन चालक शामिल हैं। इसके बावजूद ज़मीनी हकीकत यह है कि मौजूदा बल बढ़ती चुनौतियों से निपटने में जूझ रहा है।
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अपराध निपटान अच्छा, लेकिन दबाव बेहद ज़्यादा
वर्ष 2025 में आयुक्तालय के पहले से पांचवें भाग में 6,625 अपराध दर्ज हुए, जिनमें से 5,935 मामलों का समाधान किया गया। वहीं छठे भाग में 3,617 अपराध दर्ज हुए और 3,594 मामलों का निपटारा हुआ। आंकड़े बताते हैं कि पुलिस प्रभावी ढंग से काम कर रही है, लेकिन भारी दबाव और सीमित संसाधनों के साथ।
24 घंटे की ड्यूटी से टूट रहा पुलिसकर्मी
पुलिस बल की कमी, लगातार बढ़ती शिकायतें और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों के कारण पुलिसकर्मियों को लंबी और लगातार ड्यूटी करनी पड़ रही है। कई जवान रोज़ाना लंबी दूरी तय कर ड्यूटी पर पहुंचते हैं, जिससे शारीरिक और मानसिक थकान बढ़ रही है। त्योहारों और पारिवारिक अवसरों पर छुट्टी मिलना मुश्किल हो गया है।
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“जीवन स्तर सुधारना ज़रूरी”: विलास सनाप
सेवानिवृत्त सहायक पुलिस आयुक्त विलास सनाप के अनुसार, पुलिस बल बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन वे पर्याप्त नहीं हैं। राज्य सरकार को चाहिए कि वह पुलिसकर्मियों के जीवन स्तर में सुधार और कार्यस्थल के तनाव को कम करने के लिए ठोस और व्यापक कदम उठाए। मीरा-भाईंदर और वसई-विरार जैसे तेज़ी से विकसित हो रहे शहरों में समय पर पुलिस बल नहीं बढ़ाया गया, तो इसका सीधा असर कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा पर पड़ेगा।
