Bhayandar Road Issue (सोर्सः सोशल मीडिया)
MBMC Pipeline Work: मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर महज दो महीने पहले तैयार हुई सीमेंट-कंक्रीट की नई सड़क को दोबारा खोदे जाने से प्रशासनिक समन्वय पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बनी इस सड़क को अब पानी की पाइपलाइन बिछाने के लिए तोड़ा जा रहा है, जिससे स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा डहाणू से दहिसर टोल प्लाजा के बीच पिछले तीन वर्षों से सड़क कंक्रीटीकरण का कार्य चल रहा था। फाउंटेन होटल से दहिसर तक का अंतिम चरण हाल ही में पूरा हुआ था, लेकिन अब काशिमीरा पुल के नीचे उसी नई सड़क को खोद दिया गया है, जिससे आम जनता हैरान और परेशान है।
मीरा-भाईंदर शहर की जल आपूर्ति सुधारने के लिए ‘सूर्या जल आपूर्ति योजना’ के तहत पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू किया गया है। इसके लिए बड़े पाइप मौके पर लाकर सड़क किनारे रख दिए गए हैं और खुदाई का काम जारी है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि मनपा ने बिना समुचित योजना और समन्वय के हाल ही में बनी सड़क को तोड़ दिया। इससे न केवल करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है, बल्कि यातायात भी प्रभावित हो रहा है।
इस मामले पर मनपा के सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पाइपलाइन का कार्य सड़क निर्माण के बाद तय हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि खुदाई के लिए राजमार्ग प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति ली गई है।
राज्य सरकार की ‘पीएम गतिशक्ति’ योजना के तहत शहर का जीपीएस आधारित सर्वेक्षण किया गया था, जिसमें सड़कों, जल और बिजली लाइनों सहित सभी आधारभूत संरचनाओं का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया गया है। बावजूद इसके, इस घटना ने इस योजना की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि विभागों के बीच बेहतर समन्वय होता, तो नई सड़क को दोबारा खोदने की नौबत नहीं आती।
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यह मामला केवल एक सड़क तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरी विकास परियोजनाओं के बीच तालमेल की कमी को उजागर करता है। यदि विभागों के बीच बेहतर समन्वय होता, तो सार्वजनिक धन और समय दोनों की बचत हो सकती थी।
मीरा-भाईंदर विकास आघाड़ी के नगरसेवक व गटनेता जय ठाकुर ने इस पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।