-
शनि, 27 जून 2026 ई-पेपर
- Hindi News »
- Maharashtra »
- Thane »
- Mira Bhayandar Government Land 254 Acres Supreme Court Appeal Bawankule
करोड़ों की सरकारी ज़मीन बिल्डर को ! हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: आंचल लोखंडे
Government Land Case: मीरा-भायंदर में 254 एकड़ सरकारी जमीन को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इसे सरकारी जमीन बताया।

Supreme Court Appeal (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Mira Bhayandar Land Dispute: मीरा-भायंदर में राज्य सरकार की करोड़ों रुपये की जमीन दो बिल्डरों को देने के बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जाने का निर्णय लिया है। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि इस फैसले को स्पेशल लीव पिटीशन के ज़रिए सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया जाएगा।
मीरा भायंदर में करीब 254.88 एकड़ ज़मीन को बॉम्बे हाई कोर्ट ने 30 अप्रैल, 2026 को यह ज़मीन दो बिल्डरों, डीस्टेट इन्वेस्टमेंट और मीरा रियल एस्टेट डेवलपर्स को देने का अपना फैसला सुनाया था। राजस्व मंत्री ने कहा कि वह ज़मीन राज्य सरकार की है,और यह फैसला अनएक्सपेक्टेड था, इसलिए राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में लीव पिटीशन फाइल करने का निर्देश दिया है, ताकि इसके खिलाफ सरकार का दावा मजबूती से पेश किया जा सके।
क्या है मामला ?
मीरा-भायंदर के भायंदर इलाके में राज्य सरकार के मालिकाना हक वाली 254.88 एकड़ ज़मीन के रेवेन्यू रिकॉर्ड में 1948 से सरकार से बिना कोई इजाज़त लिए बदलाव किया गया था। इसमें फेरफार कर ‘एस्टेट इन्वेस्टमेंट कंपनी’ और बाद में ‘मीरा साल्ट वर्क्स’ का नाम गैर-कानूनी तरीके से जोड़ा गया। 1958 में इस ज़मीन का इस्तेमाल नमक के खेत के तौर पर होने की वजह से इसमें केंद्र सरकार के नमक विभाग का नाम जोड़ दिया गया। उसके बाद ज़मीन के मालिकाना हक को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में गया। फिर, सुप्रीम कोर्ट ने ठाणे डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को अपील करने को कहा।
सम्बंधित ख़बरें
Kanjurmarg Dumping Ground की दुर्गंध पर बॉम्बे हाईकोर्ट की नाराजगी, कहा- मानकों का सख्ती से हो पालन
रेत माफियाओं पर सरकार सख्त, मिलीभगत करने वाले अधिकारियों पर बनेगी स्पेशल टास्क फोर्स
दिशा सालियान मौत मामला: जस्टिस आशीष चव्हाण ने सुनवाई से खुद को किया अलग, अब तक कई जज छोड़ चुके हैं केस
राम मंदिर दान विवाद: सुप्रीम कोर्ट का तत्काल सुनवाई से इनकार, अब इस दिन फिर होगी याचिका पर सुनवाई
मीरा-भायंदर में 254 एकड़ ज़मीन शासन की
2002 में डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ने इस ज़मीन पर मीरा साल्ट कंपनी का दावा खारिज करते हुए पूरी ज़मीन सरकार को ट्रांसफर करने का आदेश दिया था। हालांकि, 2019 में इन कंपनियों और केंद्र सरकार के साल्ट कमिश्नर ने इसके खिलाफ सबसे पहले बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील की। 30 अप्रैल को कोर्ट ने केंद्र सरकार के साल्ट कमिश्नर की अपील खारिज कर दी और फैसला सुनाया कि यह ज़मीन मीरा साल्ट वर्क्स की है। दरअसल, हाई कोर्ट के फैसले में पहली अपील मेंटेनेबिलिटी के मुद्दे पर थी।
हालांकि, हाई कोर्ट के फैसले से यह संभावना है कि निजी डेवलपर्स ‘मीरा रियल एस्टेट डेवलपर्स’ का नाम सरकारी ज़मीन पर बना रहेगा। चूंकि यह मामला आम लोगों के अधिकारों और सरकार के कानूनी अधिकारों का उल्लंघन है, इसलिए रेवेन्यू मिनिस्टर चंद्रशेखर बावनकुले ने तुरंत सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का फैसला किया है।
लैंड रेवेन्यू कोड 1966 क्या है?
रेवेन्यू मिनिस्टर चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि यह ज़मीन सरकार की है। हम रेवेन्यू रिकॉर्ड बदलकर सरकारी ज़मीन हड़पने की कोशिशों को नाकाम करेंगे। इस मामले में हम सुप्रीम कोर्ट में पूरी ताकत से सरकार का पक्ष रखेंगे और यह ज़मीन सरकार के कब्जे में रखेंगे। बावनकुले ने महाराष्ट्र लैंड रेवेन्यू कोड 1966 के सेक्शन 29 (3)(a) के प्रोविज़न का हवाला देते हुए दावा किया कि यह ज़मीन सरकार की है।
ये भी पढ़े: नागपुर में मिशन मुक्ति 3 का आगाज, 2 दिनों में 78 लोगों का रेस्क्यू, शहर को भिखारी मुक्त बनाने की बड़ी पहल
राजस्व मंत्री बावनकुले का कड़ा रुख
उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र लैंड रेवेन्यू कोड के अनुसार, कोड के शुरू होने से पहले लागू किसी भी कानून के तहत ज़मीन रखने का अधिकार कम से कम पचास साल के समय के लिए हासिल किया गया है, जिसे हमेशा के लिए या तय समय पर पेमेंट करके रिन्यू करने का ऑप्शन है। ऐसे लीज़ के तहत, जिन लोगों को इस कोड के लागू होने से पहले बिना किसी अधिकार के ज़मीन के अधिकार दिए गए हैं, उनके अधिकार, ज़िम्मेदारियां और देनदारियां, 1966 के सेक्शन 29 (3)(a) के प्रोविज़न के अनुसार, इस कोड के तहत वर्ग 2 के तहत ही माने जाएंगे। उनको शासन की जमीन का मालिकाना अधिकार नहीं मिल सकता।
Mira bhayandar government land 254 acres supreme court appeal bawankule
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
महज इतनी है सेशेल्स की आबादी! फिर भी PM मोदी के दौरे पर क्यों टिकी दुनिया की नजरें? जानें इसके पीछे का कारण?
Jun 27, 2026 | 01:51 PMयाद रखीएगा नागपुर में 28 जून को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान, 1.66 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी दो बूंद जिंदगी की
Jun 27, 2026 | 01:49 PMवर्धा के तलेगांव में आइरिस स्कैनर नहीं, NCMC कार्ड बनाने में भटक रहे यात्री, 1 अगस्त से पहले बनाना जरूरी
Jun 27, 2026 | 01:48 PMपिंपरी-निगडी मेट्रो विस्तार को बड़ी राहत, मनपा ने महामेट्रो के लिए 50 करोड़ रुपये के फंड को दी मंजूरी
Jun 27, 2026 | 01:42 PMभोपाल: NEET और पेपर लीक को लेकर कांग्रेस का हमला, जीतू पटवारी बोले- युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही सरकार
Jun 27, 2026 | 01:42 PMFSSAI Notice Biscuit: ईट फिट डाइजेस्टिव बिस्कुट कंपनी एसएजे फूड को 100% आटे के भ्रामक दावे पर नोटिस
Jun 27, 2026 | 01:38 PMनागपुर कोर्ट अपडेट: मुआवजे के आदेश की अनदेखी पर फंसे NHAI अफसर, HC ने पूछा- क्यों न चलाएं अवमानना का केस?
Jun 27, 2026 | 01:34 PMवीडियो गैलरी

पासपोर्ट धारक भी भारतीय नहीं? MEA के इस नए स्पष्टीकरण के बाद क्यों छिड़ी बहस, जानिए असली कानून- VIDEO
Jun 26, 2026 | 10:53 PM
केंद्रीय कर्मचारियों की लग गई लॉटरी! फिटमेंट फैक्टर पर क्या है नया अपडेट, कितनी बढ़ेगी आपकी बेसिक सैलरी?
Jun 26, 2026 | 10:31 PM
होर्मुज में ड्रोन हमला! Iran की चेतावनी के बाद अब क्या करेगा America?, Video
Jun 26, 2026 | 05:08 PM
मायावती ने पाला, अखिलेश ने निकाला और अब सीएम योगी ने दी बड़ी जिम्मेदारी, भाजपा में उपाध्यक्ष बनीं पूजा पाल
Jun 26, 2026 | 02:17 PM
भूकंप आने से पहले क्यों अजीब हरकतें करते हैं जानवर? जानिए इसके पीछे का वो विज्ञान जो इंसान नहीं देख पाते!
Jun 25, 2026 | 10:53 PM
ट्रंप और JD वेंस की सीक्रेट मीटिंग की इनसाइड स्टोरी, जिसमें सऊदी अरब-भारत को लेकर बना था बड़ा प्लान- VIDEO
Jun 25, 2026 | 10:34 PM














