400 करोड़ की लूट और किडनैपिंग की कहानी निकली फिल्मी, नासिक पुलिस के खुलासे ने सबको चौंकाया; अब फंसेगा ड्राइवर

Nashik News: नासिक पुलिस ने ट्रक ड्राइवर द्वारा लगाए गए 400 करोड़ की लूट और अपहरण के आरोपों को झूठा करार दिया है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को रिहा कर दिया है।
400 Crore Loot: 400 करोड़ की लूट और किडनैपिंग की कहानी निकली फिल्मी, नासिक पुलिस के खुलासे ने सबको चौंकाया; अब फंसेगा ड्राइवर
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
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Nashik 400 Crore Loot Case: महाराष्ट्र की नासिक ग्रामीण पुलिस ने एक ऐसे मामले की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है जिसने पिछले कुछ समय से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा रखा था। एक ट्रक चालक द्वारा सात लोगों पर लगाए गए 400 करोड़ रुपये की लूट और अपहरण के आरोप पूरी तरह से फर्जी पाए गए हैं। सोमवार को पुलिस ने विस्तृत जांच के बाद स्पष्ट किया कि ऐसी कोई घटना असल में हुई ही नहीं थी।

क्या था पूरा मामला?

शिकायतकर्ता ट्रक ड्राइवर, संदीप पाटिल ने घोटी पुलिस स्टेशन में एक बेहद चौंकाने वाली शिकायत दर्ज कराई थी। पाटिल का दावा था कि पिछले साल 22 अक्टूबर को सात अज्ञात लोगों ने उसका रास्ता रोका और उसे अगवा कर लिया। ड्राइवर के अनुसार, उन लोगों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और उस पर 400 करोड़ रुपये की नकदी लूटने का आरोप लगाया। पाटिल ने यह भी दावा किया कि ये पैसे 2000 रुपये के पुराने नोटों के रूप में थे और कर्नाटक से महाराष्ट्र 'हवाला' के जरिए ले जाए जा रहे थे।

सोशल मीडिया पर फैलाया था डर

ड्राइवर यहीं नहीं रुका, उसने सोशल मीडिया पर अपनी चोटें दिखाते हुए वीडियो भी साझा किए थे, जिसमें उसने कर्नाटक के बेलगाम जिले के चोरला घाट इलाके में वारदात होने की बात कही थी। उसने दावा किया था कि वह एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हवाला रैकेट का शिकार हुआ है।

पुलिस जांच और अदालती फैसला

मामले की गंभीरता को देखते हुए घोटी पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया था। हालांकि, जब जांच टीम ने टेक्निकल एविडेंस, सीसीटीवी फुटेज और ड्राइवर के बयानों का मिलान किया, तो कहानी में कई झोल नजर आए। पुलिस को 400 करोड़ रुपये या किसी भी संदिग्ध ट्रक के मूवमेंट का कोई सबूत नहीं मिला।

इगतपुरी अदालत ने पुलिस की जांच रिपोर्ट के आधार पर गिरफ्तार किए गए सभी सातों व्यक्तियों को बेकसूर मानते हुए रिहा कर दिया है।

अब ड्राइवर पर गिरेगी गाज

नासिक ग्रामीण पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस के संसाधनों और समय को बर्बाद करने के साथ-साथ निर्दोष लोगों को फंसाने के आरोप में अब संदीप पाटिल के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी शिकायत (IPC/BNS की संबंधित धाराएं) के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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