Mahayuti पर विराम, भाजपा ने मीरा-भाईंदर में अकेले दम पर फूंका चुनावी बिगुल
Maharashtra Nikay Chunav: मीरा-भाईंदर मनपा चुनाव से पहले भाजपा की संकल्प सभा में विधायक नरेंद्र मेहता ने ‘अब की बार 70 पार’ का नारा देते हुए प्रशासक राज और भ्रष्टाचार पर तीखा हमला बोला।
- Written By: अपूर्वा नायक
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Mira Bhayandar News In Hindi: मीरा भाईंदर मनपा चुनाव में भाजपा शिवसेना व घटक दलों के बीच महायुति होगी या नहीं, इन अटकलों पर रविवार को विराम लग गया।
मीरा रोड के सेंट्रल पार्क ग्राउंड में आयोजित भाजपा की संकल्प सभा में विधायक नरेंद्र मेहता ने चुनाव प्रचार का नारियल फोड़ते हुए अब की बार 70 पार का संकल्प उपस्थित पदाधिकारी कार्यकर्ताओं और हजारों की संख्या में उपस्थित नागरिकों दिलाया।
ढोले ने पूरे मीरा-भाईंदर का ढोल बजा दिया
मेहता ने मनपा चुनाव प्रचार का आगाज करते हुए परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक को आड़े हाथों लिया। उन्होंने बिना किसी का नाम लेते हुए कहा कि बालासाहेब ठाकरे को भी इन्होंने नहीं छोड़ा। जिस कला दालान को बनाने की लागत 22 करोड़ रुपए तय हुई थी।
सम्बंधित ख़बरें
मोहाडी में जल संकट को लेकर अनशन शुरू, करोड़ों खर्च के बावजूद कई वार्डों में पानी नहीं
तुमसर बाजार समिति में कामगारों का आंदोलन तेज, चरण वाघमारे पहुंचे समर्थन में, समाधान का आश्वासन
भंडारा में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान, लाखनी तहसील के 15 गांवों में फसलें प्रभावित
कोरंभी देवी परिसर के फार्महाउस में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग, तीन घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू
उस कार्य को इन लोगों ने 150 करोड रुपए में पूरा किया, कई कार्यों के तो टेंडर भी नहीं निकाले गए, उन्हें सीधे ठेकेदारों को दे दिया गया, वह सब पैसा आम जनता का था, टैक्स भरने वाली जनता का था। विधायक मेहता ने प्रशासक राज में मनपा में हुई लूट का भी हवाला दिया, उन्होंने प्रशासक दिलीप ढोले का नाम लेकर कहा कि ढोले ने पूरे मीरा-भाईंदर का ढोल बजा दिया।
ये भी पढ़ें :- भाजपा ने भेदा शिंदे का किला, बदलापुर और अंबरनाथ नगर परिषद में खिला कमल
मनपा को कर्ज में डाल दिया, पेंशन की रकम मनपा की फिक्स डिपॉजिट की रकम भी निकाल ली और मनपा का तिजोरी खाली कर दिया जब ढोले के खिलाफ एंटी करणान की जांच बैठाई गई, तो इन्होंने जांच नहीं कराने का पत्र दिया। इस प्रकार से मेहता ने कई संगीन आरोप लगाए। विभिन्न समाजी के लिए बनाए गए समाज भवन उन समाजों को क्यों नहीं दिया गया।
