परिवहन विभाग की नई गाइडलाइन, यात्रियों से ‘ताई-मावशी’ और ‘भाऊ-काका’ कहें ड्राइवर
Maharashtra Auto Taxi Driver के लिए मराठी में संवाद अनिवार्य किया गया है, हालांकि लाइसेंस रद्द करने के नियम पर फिलहाल रोक है। यात्रियों से विनम्र व्यवहार के लिए नई गाइडलाइन भी जारी की गई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
प्रताप सरनाईक (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Auto Taxi Driver Rule 2026: महाराष्ट्र दिवस 1 मई से राज्य में सभी ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा में संवाद करना अनिवार्य करने के निर्णय को लेकर अनबन के बीच परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के मराठी नहीं जानने पर तत्काल लाइसेंस रद्द करने के नियम को सरकार ने रोक दिया है।
लेकिन परिवहन विभाग ने ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए यात्रियों के साथ बेहतर व्यवहार और संवाद स्थापित करने को लेकर एक विशेष निर्देश जारी किया है।
जिसमें कहा गया है कि ड्राइवर महिलाओं को ताई-मावशी’ और पुरुष यात्रियों को ‘भाऊ-काका’ कहें, परिवहन विभाग ने ऑटो रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा बोलने का नियम लागू करने का फैसला किया है।
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टैक्सी ड्राइवरों को मराठी सिखाने के लिए तैयार की पुस्तिका
वहीं अब रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों को मराठी सिखाने के लिए एक संवाद मार्गदर्शक पुस्तिका तैयार की है। इसमें ऑटो रिक्शा, टैक्सी ड्राइवरों और यात्रियों के बीच रोज़ाना होने वाली बातचीत मराठी के साथ-साथ हिंदी में भी बताई गई है।
यात्रियों को सेवा देते समय कैसे बोलना और व्यवहार करना है, इस पर गाइडेंस दी गई है। साथ ही, रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों को महिलाओं को ‘ताई मावशी’ और पुरुषों को ‘भाऊ-काका’ कहने की सलाह दी गई है। यह पहल यात्रियों, विशेषकर महिलाओं के लिए, यात्रा को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने के लिए की गई है।
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यात्रियों से विनम्रता और मराठी में बात करके जीतें भरोसा
परिवहन विभाग ने यह पहल, मराठी भाषा विभाग एवं अलग-अलग साहित्य संस्थाओं के साथ मिलकर शुरू की है। और इसका उद्देश्य मराठी भाषा का उपयोग बढ़ाकर यात्रियों का भरोसा जीतना है। यात्रियों से विनम्रता से और मराठी में बात करके यात्री सेवा को और भरोसेमंद बनाने के लिए यह संवाद मार्गदर्शक पुस्तिका तैयार की गई है। ‘महाराष्ट्र माझा मराठी माझी बोली भाषा।।!’ की भावना से बनाई गई इस पहल का मकसद यात्री और ड्राइवरों के बीच बातचीत को आसान, विनम्र और साफ बनाना है। 1 मई 2026 से राज्य के सभी ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा में संवाद करना अनिवार्य कर दिया गया है। जो ड्राइवर मराठी नहीं बोल पाएंगे, उनके लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं, हालांकि अभी सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है।
