20 हजार की नौकरी, घर का इकलौता सहारा और जिंदगी की आखिरी लोकल, कलेजा चीर देगी केतन की कहानी
Thane Local Accident: महाराष्ट्र के ठाणे में 9 जून को हुए लोकल ट्रेन हादसे में एक शख्स ऐसा भी था, जो अकेले अपने बड़े परिवार का पालन-पोषण करता था। केतन सरोज हमेशा की तरह ही अपने घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा।
- Written By: प्रिया जैस
ठाणे लोकल हादसे में मृतक केतन सरोज (सौजन्य-नवभारत)
उल्हासनगर: ठाणे के नजदीक मुंब्रा रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे में 5 लोगों की जान चली गई। इस हादसे के बाद पांच घरों के चिराग उजड़ गए। इस हादसे में स्थानीय शहाड परिसर के हनुमान नगर के निवासी 23 वर्षीय केतन दिलीप सरोज नामक युवक भी शामिल था। केतन रोज की तरह अपनी 20 हजार तनख्वाह वाली नौकरी के लिए जा रहा था। लेकिन, उसे नहीं पता था कि वो दुबारा घर लौटकर नहीं आएगा।
चार महीने पहले ही केतन ठाणे की एक मार्केटिंग कंपनी में काम पर लगा था। कंपनी में उसे 20 हजार तनख्वाह की नौकरी लगी थी। केतन रोज की तरह अपनी नौकरी पर निकला था। केतन ने हमेशा की तरह सोमवार की सुबह साढ़े 8 बजे शहाड से सीएसटी जाने वाली लोकल पकड़ी। केतन सरोज ठाणे के आशर पार्क में एक मार्केटिंग कंपनी में काम करता था जहां केतन 20 हजार बतौर वेतन मिलता था।
परिवार में पसरा मातम
उस दिन भी केतन उसी लोकल पर सवार था, विपरीत दिशा से आने वाली दो भीड़भाड़ वाली ट्रेन के पायदान से लटका होने के कारण उसका बैग के दूसरी ट्रेन से टकरा गया और बाकी लोगों की तरह वह भी नीचे गिर गया। मृतक केतन के छोटे भाई ने बताया कि मेरे भाई की जान केवल बीस हजार के लिए चली गई। इस हादसे की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। इस घटना से तनाजी व हनुमान नगर में शोक का माहौल देखा गया।
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अकेला कमाने वाला था केतन
पड़ोसियों के अनुसार केतन सरोज घर में अकेला कमाने वाला था। वह अपने पीछे अपने पिता, मां, दो भाई तथा दादा दादी को छोड़ गया। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के पदाधिकारी मैनुद्दीन शेख ने बताया कि केतन बहुत ही अच्छा व होनहार युवक था। उसके चले जाने से अब उनके घर का खर्च कैसे चलेगा। उन्होंने रेल मंत्रालय से मांग है कि हादसे में अपनी जान गंवाने वाले केतन के घर में से किसी एक को नौकरी दी जानी चाहिए।
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सोमवार की सुबह मुंबई से कुछ ही दूर, सेंट्रल रेलवे लाइन पर दिवा और मुंब्रा स्टेशनों के बीच हुए रेल हादसे में 5 यात्रियों की जान चली गई। यह भीषण हादसा सुबह करीब 9:30 बजे हुआ, जब 2 लोकल ट्रेनें एक दूसरे के समानांतर चल रही थीं। ट्रेन के दरवाजे के पास खड़े कई यात्री गलती से बगल वाली ट्रेन में बैठे लोगों से टकरा गए, जिससे कुछ लोग रेलवे ट्रैक पर गिर गए और उन्हें गंभीर चोटें आईं और 5 लोगों की मौत हो गई।
