KDMC Officials पर कोर्ट सख्त, पुनर्वसन मामले में आयुक्त समेत 7 पर जमानती वारंट

KDMC Officials Warrant: कल्याण-डोंबिवली में पुनर्वसन मामले में लापरवाही पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए KDMC आयुक्त समेत 7 अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए हैं।
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कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
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KDMC Officials Bailable Warrant: कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) के अधिकारियों की लापरवाही पर कल्याण न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है।

पुनर्वसन मामले में बार-बार कोर्ट में अनुपस्थित रहने पर मनपा आयुक्त सहित 7 अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया गया है।सभी को 17 अप्रैल को अदालत में अनिवार्य रूप से पेश होने के आदेश दिए गए हैं।

मामला डोंबिवली के राजाजीपथ क्षेत्र का है, जहां सड़क चौड़ीकरण के दौरान एक नागरिक का घर प्रभावित हुआ था। आरोप है कि प्रभावित परिवार को अब तक न तो पुनर्वसन दिया गया और न ही कोई आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई।

लगातार शिकायतों के बाद भी KDMC Officials पर कोई कार्रवाई नहीं

लगातार शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर पीड़ित इंद्रमणि उपाध्याय ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान संबंधित अधिकारी लगातार अनुपस्थित रहे, जिसे न्यायालय ने गंभीरता से लिया।

उनका घर सड़क चौड़ीकरण में चला गया, लेकिन न तो पुनर्वास हुआ और न ही कोई सहायता दी गई। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्हें अदालत का सहारा लेना पड़ा।

- इंद्रमणि पारसनाथ उपाध्याय, याचिकाकर्ता

लगातार अनुपस्थित रहने से नाराज हुआ न्यायालय

इसके बाद अदालत ने केडीएमसी आयुक्त अभिनव गोयल, अतिरिक्त आयुक्त 2 योगेश गोडसे, उपायुक्त वंदना गुलवे, उपायुक्त प्रसाद बोरकर, शहर अभियंता अनिता परदेशी और मुख्य नगर रचनाकार संतोष डोईफोडे सहित कुल 7 अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया, न्यायालय ने सभी अधिकारियों को 17 अप्रैल को हर हाल में उपस्थित रहने का स्पष्ट आदेश दिया है। अदालत ने संकेत दिया है कि मामले में लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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