

Tansa Lake Overflow: मुंबईकरों के लिए मानसून के इस सीजन से बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। शहर को पीने का पानी सप्लाई करने वाले सात प्रमुख जलाशयों में से एक तानसा झील बुधवार सुबह 8:51 बजे पूरी तरह भर गई और ओवरफ्लो होने लगी। इसके साथ ही, मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सभी सात झीलों में कुल जल भंडार बढ़कर 8.95 लाख मिलियन लीटर (ML) हो गया है, जो शहर की कुल जल भंडारण क्षमता का लगभग 62% है।
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के अनुसार, मंगलवार, 21 जुलाई 2026 सुबह 6:00 बजे से बुधवार, 22 जुलाई 2026 सुबह 6:00 बजे के बीच कैचमेंट एरिया में हुई झमाझम बारिश के कारण जलाशयों के जलस्तर में जबरदस्त उछाल देखा गया। पिछले 24 घंटों में ही मुंबई के कुल वाटर स्टॉक में 4.15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे कुल जल भंडारण 61.90% के पार पहुंच गया।
बीएमसी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र को पानी की सप्लाई करने वाली तानसा झील बुधवार सुबह करीब 8:51 बजे ओवरफ्लो होने लगी। इसे देखते हुए तानसा बांध के गेट खोल दिए गए हैं। बीएमसी की मुताबिक तानसा झील की कुल जल भंडारण क्षमता 14,508 करोड़ लीटर है।
तानसा झील इस मानसून सीजन में ओवरफ्लो होने वाली तीसरी झील बन गई है। इससे पहले 7 जुलाई को तुलसी और विहार झीलें ओवरफ्लो हुई थीं। ठाणे जिले में स्थित तानसा झील अकेले मुंबई शहर को रोजाना 455 मिलियन लीटर (ML) पीने के पानी की सप्लाई करती है।
बता दे कि मॉनसून मुंबई में लगभग दो हफ्ते की देरी से पहुंचा था। लंबे समय तक बारिश न होने से झीलों का जलस्तर घटने की चिंता बढ़ गई थी, जिसके कारण BMC को 15 मई से 10% पानी की कटौती लागू करनी पड़ी थी।
हालांकि, जुलाई की शुरुआत में मुंबई और झीलों के कैचमेंट एरिया में हुई भारी बारिश से काफी राहत मिली है। हाल की भारी बारिश से झीलों का जलस्तर बढ़ गया है और मौजूदा पानी का स्टॉक मुंबई की 219 दिनों की जरूरतें पूरी करने के लिए काफी है।
मुंबई को पानी देने वाली अन्य झीलों के जलस्तर में भी लगातार सुधार हो रहा है।
झीलों के तेजी से भरने के बावजूद, मुंबईकरों को फिलहाल पानी की कटौती से राहत मिलती नहीं दिख रही है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) प्रशासन 10% वॉटर कट हटाने की जल्दबाजी में नहीं है। एक सीनियर सिविक अधिकारी ने कहा कि सिविक बॉडी तब तक इंतजार करेगी जब तक सभी सात झीलें ठीक से भर न जाएं, खासकर इसलिए क्योंकि अनुमान बताते हैं कि इस मॉनसून में बारिश सामान्य से कम होगी। मुंबई को अपनी सालाना जरूरत पूरी करने के लिए 14.47 लाख ML पानी की आवश्यकता होती है।