Pune RMC Plants पर कार्रवाई से निर्माण क्षेत्र चिंतित, CREDAI ने नीति की मांग उठाई

Pune RMC Plants पर कार्रवाई और वाहनों पर प्रतिबंध को लेकर विवाद बढ़ गया है। CREDAI ने संतुलित नीति की मांग करते हुए कहा कि इससे निर्माण कार्य और रियल एस्टेट सेक्टर प्रभावित होगा।
CIDCO Demolishes Illegal RMC Plants in Navi Mumbai
आरएमसी (सौ. सोशल मीडिया )
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Pune RMC Plants Action: रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) निर्माण क्षेत्र की अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है। ऐसे में आरएमसी वाहनों की दिन के समय आवाजाही पर प्रतिबंध लगाना उचित नहीं है।

यह स्पष्ट राय क्रेडाई पुणे के अध्यक्ष मनीष जैन ने व्यक्त की है। उन्होंने इस मुद्दे पर एक ठोस और संतुलित नीति तैयार करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

गौरतलब है कि हाल ही में पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) द्वारा Pune में RMC Plants के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की गई है, जिसके तहत अब तक 30 से अधिक प्लांट्स पर कार्रवाई की जा चुकी है। इस कार्रवाई के विरोध में पुणे आरएमसी एसोसिएशन ने 'बंद' का आह्वान किया है और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अपनी मांगें रखी हैं। इसी विवाद के बीच अब निर्माण व्यवसाय की प्रमुख संस्था 'क्रेडाई' ने भी अपना रुख स्पष्ट किया है।

क्रेडाई ने प्रशासन से आग्रह किया है कि आरएमसी उद्योग से जुड़े सभी पक्षों को विश्वास में लेकर एक व्यावहारिक और संतुलित नीति तैयार की जाए, ताकि शहर का विकास भी बाधित न हो और पर्यावरणीय संतुलन भी बना रहे। - मनीष जैन, अध्यक्ष, क्रेडाई पुणे

आधुनिक निर्माण के लिए, RMC Plants अनिवार्य

क्रेडाई अध्यक्ष मनीष जैन ने कहा कि पुणे जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में बड़े और बहुमंजिला प्रोजेक्ट्स को समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के लिए आरएमसी प्लांट्स अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज के दौर में निर्माण स्थल (साइट) पर कंक्रीट तैयार करना व्यावहारिक नहीं रह गया है। आरएमसी के उपयोग से कार्य में गति आती है, गुणवत्ता सुनिश्चित होती है और 'रेरा' की समय सीमा के भीतर प्रोजेक्ट पूरा करना संभव हो पाता है।

नियमों का पालन जरूरी

उन्होंने चेतावनी दी कि वर्तमान परिस्थितियों के कारण निर्माण परियोजनाओं में देरी हो सकती है, जिसका सीधा असर रियल एस्टेट सेक्टर और अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। क्रेडाई ने स्पष्ट किया कि वे नियमों का उल्लंघन करने वाले आरएमसी प्लांट्स पर कार्रवाई का समर्थन करते हैं, लेकिन जो प्लांट्स नियमों का पालन कर रहे हैं या करने के इच्छुक हैं, उन्हें सरल और पारदर्शी अनुमति प्रक्रिया मिलनी चाहिए। प्रतिबंध समाधान नहीं, प्रबंधन जरूरी है।

कंस्ट्रक्शन कंपनियों को भंडारण और प्रदूषण की चुनौती जैन ने स्पष्ट किया कि यदि आरएमसी उपलब्ध नहीं होगा, तो कंस्ट्रक्शन कंपनियों को निर्माण साइट पर ही कंक्रीट बनाना पड़ेगा। इससे धूल और वायु प्रदूषण में वृद्धि होगी। साथ ही रेत, सीमेंट, गिट्टी और फ्लाई ऐश जैसे कच्चे माल का भंडारण करना भी एक बड़ी चुनौती बन जाएगी। एक आरएमसी ट्रक के स्थान पर कच्चे माल की आपूर्ति के लिए कई अन्य ट्रकों का उपयोग करना पड़ेगा।

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