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ठाणे : मंगलवार (Tuesday) की जनसभा में राज ठाकरे (Raj Thackeray) द्वारा एनसीपी नेताओं (NCP Leaders) पर किए गए हमले को लेकर अब एनसीपी नेता और राज्य के गृह निर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाड (Jitendra Awhad) ने राज ठाकरे पर पलटवार किया है। आव्हाड ने राज ठाकरे की तुलना कॉमेडियन (Comedian) जॉनी लीवर (Johnny Lever) से की है और कहा है कि राजनीतिक मंच पर एक नया ‘जॉनी लीवर’ मिल गया है।
पत्रकार परिषद में आव्हाड ने महंगाई के मुद्दे पर चुप्पी साधने को लेकर राज ठाकरे की जमकर खिचाई की। आव्हाड के मुताबिक ठाकरे की पार्टी के कार्यकर्ताओं में पेट्रोल, डीजल, गैस की बढ़ती कीमतों और देश में बढ़ती महंगाई के मुद्दे पर उनकी चुप्पी को लेकर संभ्रम बना है और वे महज धार्मिक भावना को भड़काने और समाज में दो समुदायों के बीच दरार पैदा करने का काम रहे हैं। आव्हाड ने ठाकरे पर हमला बोलते कहा की एक तरफ वे मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर से लोगों को परेशानी की बात कर रहे है और उसे उतारने को लेकर चेतावनी दी है और दूसरी तरफ उनके सभा स्थल के आसपास दो स्कुल उन्हें दिखाया नहीं दिए ? न्यायालय के फैसले के मुताबिक स्कूल के 100 मीटर के दायरे में शोर शराबे या तेज आवाज में कोई कार्यक्रम या सभा का आयोजन नहीं हो सकता है फिर भी ठाकरे ने उक्त स्थान पर सभा की। आव्हाड ने सवाल किया की क्या उनके लोगों को यह नियम नहीं पता था ? क्या राज ठाकरे इस गलती के लिए लोगों से माफी मांगेंगे?” पता हो की उत्तर सभा में ठाकरे ने आव्हाड के विधानसभा क्षेत्र मुंब्रा में पूर्व में हुई आतंकवादी कार्रवाई को लेकर उन पर जमकर टिप्पणी की थी।
आव्हाड ने कहा कि “राज ठाकरे को कल एक सभा करनी थी। उन्हें जनता के हितो की बात करनी चाहिए थी। क्योंकि उनकी पार्टी में पार्टी कार्यकर्ताओं में भ्रम है। इसलिए राज ठाकरे उन मुद्दों पर बोलते जोकि वर्तमान समय में जनता पीस रही है। लेकिन उन्हें तो धार्मिक दरार पैदा करना है। आव्हाड ने सवाल किया कि वे डीजल की कीमतों में वृद्धि के बारे में बात क्यों नहीं करते हैं? क्या उन्हें देश में महंगाई नहीं दिख रही है।
आव्हाड ने कहा की राज ठाकरे ने ठाणे की जनसभा में एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार पर नस्लवाद का आरोप लगाते हुए कहा था कि वह छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम की जगह हमेशा फुले-शाहू-आंबेडकर के नाम का इस्तेमाल करेंगे। इस आरोप का जितेंद्र आव्हाड ने आक्रामक अंदाज में जवाब दिया। आव्हाड ने कहा कि महात्मा फुले ने शिवराय की समाधि की खोज की थी। शाहू महाराज शिवाजी महाराज के वंशज थे और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने इन दोनों को ध्यान में रखते हुए देश का संविधान लिखा था। शिवाजी महाराज इन तीन महापुरुषों के होठों और कर्मों पर थे। इसलिए इन तीनों का नामकरण शिवाजी महाराज के विचारों का नामकरण करने के समान है। साथ ही आव्हाड ने कहा कि यदि उन्हें यह नहीं पता है तो वे अपने दादा प्रबोधनकार ठाकरे द्वारा लिखी पुस्तक से कुछ सीखें।
मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने बार-बार एनसीपी पर जेम्स लेन के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। इस पर बोलते हुए जितेंद्र आव्हाड ने कहा, ‘जेम्स लेन ने जो लिखा, उसकी जानकारी महाराष्ट्र से किसने दी ? मैं स्वर्गीय बाबासाहेब पुरंदरे के बारे में कुछ नहीं कहूंगा। क्योंकि हमारा धर्म कहता है कि मृतक की आलोचना नहीं करनी चाहिए, इस बीच, जितेंद्र आव्हाड ने सुझाव दिया है कि राज ठाकरे को अपने दादा प्रबोधनकार ठाकरे द्वारा लिखी गई किताबें पढ़नी चाहिए।






