Thane News: नाइट शिफ्ट से लौटे पति के पैरों तले खिसकी ज़मीन, पत्नी समेत 3 बेटियां लटकी दिखी फांसी के फंदे पर
भिवंडी शहर के फेने गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी है। पत्नी ने अपनी 3 बेटियों के साथ फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला प्रकाश में आया है। पति नाइट शिफ्ट में काम पर गया हुआ था सुबह यह घटना उजागर हुई।
- Written By: आंचल लोखंडे
नाइट शिफ्ट से लौटे पति के पैरों तले खिसकी ज़मीन (सौजन्यः सोशल मीडिया)
ठाणे: भिवंडी शहर के फेने गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी है। पत्नी ने अपनी 3 बेटियों के साथ फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला प्रकाश में आया है। पति नाइट शिफ्ट में काम पर गया हुआ था, सुबह पति काम से घर लौटा। तब यह घटना उजागर हुई।
मजदूर लालजी बनवारीलाल भारती अपनी पत्नी पुनीता (32) और बेटियों नंदिनी (12), नेहा (7) और अनु (4) के साथ फेने गांव में एक चॉल में रहते थे। लालजी नाइट शिफ्ट में काम पर गया था। सुबह करीब 9 बजे जब वह घर लौटा तो घर का दरवाजा अंदर से बंद था।
लोहे के एंगल से फांसी लगाकर आत्महत्या
जब पत्नी ने कई बार दरवाजा खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं खोला तो उसके पति लालजी ने छोटी सी खिड़की से अंदर झांका तो उसके पैरों तले ज़मीन खिसक गई। जब लालजी ने निराश होकर दरवाजा तोड़ा तो अंदर छत पर लगे लोहे के एंगल से लटकती हुई पत्नी समेत तीनों बच्चियों की लाशें मिलीं।
सम्बंधित ख़बरें
ठाणे: MBMC की लापरवाही! बारिश में खुले गड्ढे से हादसे का खतरा, पाइपलाइन कार्य पूरा, सड़क मरम्मत अब तक अधूरी
ठाणे की सूर्या जल परियोजना पर हाई कोर्ट का फैसला 14 जुलाई को होगा, 218 MLD अतिरिक्त पानी मिलने की उम्मीद
रमेश म्हात्रे से शिंदे गुट ने किया किनारा, गिरफ्तार होते ही बिगड़ी तबियत, भारी पड़ा महिला डाक्टर पर हाथ उठाना
Argentina Pilot Jumps: अर्जेंटीना में उड़ते विमान से कूदा ट्रेनर हुई मौत, छात्रा ने कराई सुरक्षित लैंडिंग
महाराष्ट्र से जुड़ी अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
घटनास्थल का पंचनामा और शव का पोस्टमार्टम
घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस बीट मार्शल मौके पर पहुंचे। इसके बाद भिवंडी सिटी पुलिस स्टेशन की एक वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी ने घटनास्थल पर पंचनामा किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए स्वर्गीय इंदिरा गांधी स्मृति उपजिला अस्पताल भेज दिया।
घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद
क पत्र प्राप्त हुआ है जिसमें कहा गया है कि अपनी जीवन यात्रा समाप्त करने के लिए किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। हालांकि यह सवाल है कि महिला ने अपनी बेटियों के साथ आत्महत्या करने जैसा चरम कदम क्यों उठाया, लेकिन पुलिस मामले की विभिन्न कोणों से जांच कर रही है।
