ठाणे की सूर्या जल परियोजना पर हाई कोर्ट का फैसला 14 जुलाई को होगा, 218 MLD अतिरिक्त पानी मिलने की उम्मीद
Thane Surya Water Project: 14 जुलाई को बॉम्बे हाई कोर्ट में सूर्या जल परियोजना पर अहम सुनवाई होगी। अनुमति मिलने पर मीरा-भाईंदर को 218 एमएलडी अतिरिक्त पानी मिलेगा और 30 वर्षों की जल जरूरत पूरी होगी।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
ठाणे की सूर्या जल परियोजना (सोशल मीडिया)
Thane Surya Water Project High Court Hearing: ठाणे जिले के मीरा – भाईंदर शहर की भविष्य की पेयजल जरूरतों के लिए बेहद महत्वपूर्ण सूर्या जल परियोजना को लेकर 14 जुलाई को बॉम्बे हाई कोर्ट में अहम सुनवाई होगी।
परियोजना के लिए आवश्यक तटीय विनियमन क्षेत्र (सीआरजेड) अनुमति से जुड़ी जनहित याचिका पर होने वाली इस सुनवाई के नतीजे पर परियोजना के पूर्ण संचालन और शहर को अतिरिक्त पानी मिलने की समय-सीमा निर्भर करेगी।
प्रतिदिन मिलेगी 218 MLD ज्यादा पानी
सूर्या जल परियोजना पूरी तरह शुरू होने पर मीरा – भाईंदर को प्रतिदिन 218 मिलियन लीटर (एमएलडी) अतिरिक्त पानी मिलेगा। इससे शहर की अगले लगभग 30 वर्षों की पेयजल आवश्यकता पूरी होने की उम्मीद है।
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परियोजना का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक मंजूरियों के कारण इसे अभी तक पूरी क्षमता से शुरू नहीं किया जा सका है। परियोजना के संचालन के लिए महापारेषण द्वारा 132 केवी हाई-टेंशन बिजली लाइन और टावर लगाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
हालांकि, प्रस्तावित बिजली लाइन के 7 टावर सीआरजेड क्षेत्र में आते हैं। पर्यावरणीय नियमों के अनुसार इस क्षेत्र में निर्माण कार्य के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट की अनुमति आवश्यक है। इसी कारण बिजली आपूर्ति से जुड़ा कार्य फिलहाल लंबित है।
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हाई कोर्ट की सुनवाई पर टिकी उम्मीदें
मामले की गंभीरता और शहर में पानी की बढ़ती जरूरत को देखते हुए सूर्या जल परियोजना अब 14 जुलाई को होने वाली बॉम्बे हाई कोर्ट की सुनवाई पर निर्भर है। शहर में बढ़ती पेयजल आवश्यकता और परियोजना की अहमियत को देखते हुए मीरा-भाईंदर महानगरपालिका ने अदालत में प्रभावी पैरवी के लिए सेवानिवृत्त एडवोकेट जनरल की विशेष नियुक्ति की है।
सुनवाई के दौरान मनपा परियोजना के महत्व, शहर की जल आवश्यकता और जनहित से जुड़े सभी पहलुओं को अदालत के समक्ष विस्तार से रखेगी। यदि हाई कोर्ट से आवश्यक अनुमति मिल जाती है, तो सीआरजेड क्षेत्र से जुड़े लंबित कार्य पूरे किए जा सकेंगे और सूर्या जल परियोजना को पूरी क्षमता से शुरू करने का रास्ता साफ हो जाएगा।
इसके बाद मीरा-भाईंदर को प्रतिदिन 218 एमएलडी अतिरिक्त पेयजल मिलने लगेगा, जिससे शहर के लाखों नागरिकों को लंबे समय से चली आ रही जल संकट की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट
