ईद पर हाजी मलंग में भगदड़ जैसे हालात, भारी भीड़ से चरमराई ट्रॉली सेवा, मची अफरा-तफरी
Haji Malang Dargah Eid Crowd: ठाणे के हाजी मलंग दरगाह पर ईद के मौके पर भारी भीड़ उमड़ी। फ्यूनीकुलर ट्रॉली सेवा चरमराने से भगदड़ जैसे हालात बने और जायरीनों को भारी परेशानी हुई।
- Written By: अनिल सिंह
Haji Malang Dargah Eid Crowd (फोटो क्रेडिट-X)
Haji Malang Dargah: ठाणे जिले के कल्याण में स्थित प्रसिद्ध हाजी मलंग दरगाह पर ईद के मौके पर उमड़ा जायरीनों का सैलाब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया। दुर्गम पहाड़ी पर स्थित इस पवित्र स्थल तक पहुँचने के लिए श्रद्धालुओं को घंटों मशक्कत करनी पड़ी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
ईद के मुकद्दस मौके पर मुंबई, ठाणे और आसपास के इलाकों से हजारों की संख्या में जायरीन मलंग गढ़ पहुँचे। आस्था के इस भारी सैलाब के कारण पहाड़ी की ऊँचाई तक ले जाने वाली फ्यूनीकुलर ट्रॉली सेवा पूरी तरह चरमरा गई, जिससे स्टेशन पर भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
हाजी मलंग दरगाह पर उमड़ा जनसैलाब! ईद के मौके पर भारी भीड़ के कारण ट्रॉली स्टेशन पर मची अफरा-तफरी। घंटों तक फंसे रहे अकीदतमंद, गेट पर भारी धक्का-मुक्की का यह वीडियो डराने वाला है। #HajiMalang #HajiMalangDargah #Eid #ViralVideo #Maharashtra pic.twitter.com/B3AMj96zgC — kishan kumar (@kishanbjmc) March 22, 2026
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क्षमता से अधिक भीड़ और ट्रॉली सेवा पर भारी दबाव
हाजी मलंग बाबा की दरगाह समुद्र तल से लगभग 790 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है, जहाँ पहुँचने के लिए फ्यूनीकुलर ट्रॉली एक प्रमुख साधन है। ईद के दिन क्षमता से कई गुना अधिक लोग एक साथ ट्रॉली स्टेशन पहुँच गए, जिससे वेटिंग एरिया खचाखच भर गया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि स्टेशन पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी और उमस भरी गर्मी में लोग अपनी बारी का घंटों इंतजार करते रहे। ट्रॉली की सीमित फेरों की संख्या और हजारों की भीड़ के बीच तालमेल बिठाना प्रबंधन के लिए नामुमकिन साबित हुआ।
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पैदल मार्ग पर भी संघर्ष: जायरीनों की बढ़ी मुश्किलें
जब ट्रॉली स्टेशन पर घंटों इंतजार करना दूभर हो गया, तो सैकड़ों बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों ने मजबूरन पैदल ही कठिन पहाड़ी चढ़ाई का रास्ता चुना। ऊबड़-खाबड़ और संकरे रास्तों पर भी भीड़ इतनी अधिक थी कि सामान्य से दोगुना समय लग रहा था। चिलचिलाती धूप और पीने के पानी की कमी के कारण कई जायरीनों की तबीयत भी खराब होने लगी। प्रशासन द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स भी भीड़ के दबाव के आगे बौने साबित हुए, जिससे धक्का-मुक्की की खबरें भी सामने आईं।
क्राउड मैनेजमेंट पर उठे सवाल: सुरक्षाकर्मियों की भारी मशक्कत
इतनी बड़ी अप्रत्याशित भीड़ को नियंत्रित करने में स्थानीय कल्याण पुलिस और दरगाह के निजी सुरक्षा गार्ड्स के पसीने छूट गए। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद अब स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों ने त्योहारों के दौरान बेहतर ‘क्राउड मैनेजमेंट’ की मांग की है। लोगों का कहना है कि भविष्य में किसी बड़े हादसे को टालने के लिए स्टेशन पर अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आधुनिक सिस्टम का होना अनिवार्य है।
