ग्रीनफील्ड हाईवे के लिए अब तक 411 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित, किसानों को समय पर मुआवजा दें: विखे पाटिल
Radhakrishna Vikhe Patil: अहिल्यानगर में सूरत-चेन्नई ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना के भूमि अधिग्रहण कार्य की समीक्षा बैठक में पालकमंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने पारदर्शी प्रक्रिया निर्देश दिए।
- Written By: आंचल लोखंडे
Radhakrishna Vikhe Patil (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ahilyanagar Land Acquisition: सूरत-चेन्नई ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना के लिए चल रही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की जानी चाहिए। भूमि अधिग्रहण के दौरान पेड़, कुएं, पाइपलाइन और अन्य संपत्तियों का मूल्यांकन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सही तरीके से किया जाए। जल संसाधन मंत्री तथा जिले के पालकमंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता न हो और सरकार द्वारा तय नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए।
सूरत-चेन्नई ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना से संबंधित पुरस्कार और भूमि अधिग्रहण की समीक्षा बैठक जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित की गई। इस बैठक में पालकमंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल बोल रहे थे। बैठक में जिला कलेक्टर पंकज आशिया, उपविभागीय अधिकारी नितिन पाटिल, माणिक अहेर, अरुण उंडे, किरण सावंत-पाटिल, विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारी अतुल चोरमारे, सायली सोलंके, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना निदेशक मिलिंद कुमार वाबले, प्रबंधक सत्यम राय, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी सुधाकर बोराले सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए
पालकमंत्री विखे पाटिल ने कहा कि हाईवे के लिए आवश्यक शेष भूमि अधिग्रहण कार्य तुरंत पूरा किया जाए। संबंधित विभाग आपसी समन्वय से लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करें। जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित हो चुकी है, उन्हें जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए।
सम्बंधित ख़बरें
सोलापुर कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक बदलाव, जल्द होंगे नए अध्यक्ष घोषित
रेलवे भर्ती बोर्ड का बड़ा ऐलान, असिस्टेंट लोको पायलट के हजारों पदों पर होगी भर्ती
नवी मुंबई का ‘जीरो वेस्ट स्लम’ मॉडल बना महिलाओं का सहारा, 50 महिलाओं को मिला रोजगार
उल्हासनगर में फर्जी स्मार्ट पार्किंग घोटाले का खुलासा, मनपा ने पार्किंग स्थल किया सील
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्त मुआवजे की राशि समय पर वितरित की जानी चाहिए और इसमें किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। मुआवजा वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो तथा पात्र लाभार्थियों तक समय पर राशि पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए।
सुरत-चेन्नई ग्रीनफिल्ड महामार्ग प्रकल्पाच्या भूसंपादन प्रक्रियेबाबत आढावा बैठकीस उपस्थिती ! 📍 जिल्हाधिकारी कार्यालय, अहिल्यानगर सुरत-चेन्नई ग्रीनफिल्ड महामार्ग प्रकल्पासाठी सुरू असलेल्या भूसंपादन प्रक्रियेत पूर्ण पारदर्शकता राखून कामकाज करण्यात यावे तसेच शेतकरी व प्रकल्पग्रस्त… pic.twitter.com/tkObiVsor0 — Radhakrishna Vikhe Patil (@RVikhePatil) May 8, 2026
प्रभावित किसानों की भावनाओं का रखें ध्यान
पालकमंत्री विखे पाटिल ने कहा कि सूरत-चेन्नई ग्रीनफील्ड हाईवे एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिससे परिवहन, उद्योग, व्यापार और कृषि क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा। इसलिए परियोजना से जुड़े सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि परियोजना से प्रभावित किसानों और नागरिकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए।
ये भी पढ़े: रेलवे भर्ती बोर्ड का बड़ा ऐलान, असिस्टेंट लोको पायलट के हजारों पदों पर होगी भर्ती
पांच तालुकों के 65 गांवों से गुजरेगा हाईवे
जिला कलेक्टर पंकज आशिया ने परियोजना की वर्तमान स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि यह हाईवे अहिल्यानगर जिले के पांच तालुका अहिल्यानगर, संगमनेर, राहुरी, राहाता और जामखेड के 65 गांवों से होकर गुजरेगा। उन्होंने कहा कि परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक सहयोग और समन्वय उपलब्ध कराया जा रहा है।
भूमि अधिग्रहण की स्थिति
- जिले में हाईवे की कुल लंबाई: 139.51 किलोमीटर
- कुल प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण: 1044 हेक्टेयर
- अब तक अधिग्रहित भूमि: 411.908 हेक्टेयर
