सावधान: 'खुद को पुलिस बताकर लूट', तेजी से बढ़ रहा मामला, कल्याण और नालासोपारा की घटना ने किया हैरान

Fake Police Robbery Kalyan Nalasopara: कल्याण और नालासोपारा में खुद को पुलिस बताकर लूटने वाले दो गिरोहों को पुलिस ने दबोचा। आरोपियों ने लाखों रुपये और अपहरण की वारदात को अंजाम दिया था।
Fake Police Robbery Kalyan Nalasopara
Fake Police Robbery Kalyan Nalasopara (डिजाइन फोटो)
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Fake Police Robbery Case: महाराष्ट्र के ठाणे और पालघर जिलों में पुलिस का फर्जी भेष धरकर मासूम नागरिकों को लूटने वाले दो अलग-अलग गिरोहों का पर्दाफाश हुआ है। कल्याण और नालासोपारा में हुई इन सनसनीखेज वारदातों ने सुरक्षा तंत्र के लिए नई चुनौती पेश कर दी है। इन मामलों में अपराधियों ने खुद को 'क्राइम ब्रांच' का अधिकारी बताकर डराया-धमकाया और लाखों रुपये लूट लिए। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी के चलते दोनों ही घटनाओं में आरोपियों को चंद घंटों के भीतर दबोच लिया गया और लूटी गई नकदी बरामद कर ली गई।

कल्याण के कोलसेवाडी पुलिस स्टेशन अंतर्गत आने वाले इलाके में आरोपियों ने एक व्यापारी को पैसे दोगुने करने का लालच देकर जाल में फंसाया। जब व्यापारी नकदी लेकर पहुँचा, तो स्कॉर्पियो सवार आरोपियों ने खुद को पुलिस बताकर उसे डराया और 5 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने पुणे हाईवे से लेकर शिर्डी रोड तक फिल्मी अंदाज में पीछा कर आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसी तरह की एक अन्य घटना नालासोपारा में हुई, जहाँ बैंक से पैसे निकालकर लौट रहे युवक का अपहरण कर फर्जी पुलिसकर्मियों ने उससे 2.69 लाख रुपये छीन लिए।

कल्याण में फिल्मी अंदाज में आरोपियों का पीछा

कोलसेवाडी पुलिस ने कल्याण पूर्व में हुई 5 लाख रुपये की लूट के मामले में तकनीकी विश्लेषण का सहारा लिया। जब पुलिस को पता चला कि आरोपी पुणे हाईवे की ओर भाग रहे हैं, तो उन्होंने पुणे और अहिल्यानगर पुलिस को अलर्ट किया। सोमाटणे फाटा टोल नाके और राहुरी पुलिस की मदद से की गई नाकाबंदी में पुलिस ने संजय भोसले और गौसपाक शेख सहित गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया। इनके पास से दो स्कॉर्पियो गाड़ियां, 9 मोबाइल फोन और 2.36 लाख रुपये नकद जब्त किए गए हैं।

Fake Police Robbery Kalyan

नालासोपारा में 4 घंटे के भीतर अपहरण का पर्दाफाश

नालासोपारा के आचोले पुलिस स्टेशन की सीमा में 20 फरवरी 2026 की रात एक युवक का उस समय अपहरण कर लिया गया जब वह बैंक से पैसे निकालकर घर लौट रहा था। खुद को 'क्राइम ब्रांच ठाणे' का अधिकारी बताने वाले पांच आरोपियों ने युवक को श्मशानभूमि रोड पर ले जाकर मारपीट की और उससे 2.69 लाख रुपये लूट लिए। पुलिस ने महज चार घंटे के भीतर मुख्य आरोपी सुधीर लांडगे को हिरासत में लिया, जिसकी निशानदेही पर गिरोह के अन्य सदस्यों किरण दलवी, राजेश गोसावी, आदिल सैय्यद और सुंदर चावरिया को दबोचा गया।

Fake Police Robbery Nalasopara

आपराधिक इतिहास और पुलिस की चेतावनी

पकड़े गए आरोपियों में से कई का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। नालासोपारा मामले में गिरफ्तार सुधीर लांडगे और किरण दलवी पर पहले से ही तीन-तीन मामले दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा खुद को पुलिस बताने पर तुरंत पहचान पत्र मांगें और संदेह होने पर नजदीकी पुलिस स्टेशन या कंट्रोल रूम को सूचित करें। पुलिस ने दोनों मामलों में लूटी गई पूरी राशि और वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहनों सहित कुल 14.69 लाख रुपये का माल बरामद किया है।

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