Eknath Shinde Statement: महाराष्ट्र की राजनीति में रंगों और विचारधाराओं की जंग एक बार फिर तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एआईएमआईएम पार्षद सहर शेख की मुंब्रा को 'हरा रंग' देने वाली टिप्पणी को सिरे से खारिज कर दिया है। शिंदे ने स्पष्ट किया कि ठाणे की पहचान भगवा है और इसे कोई बदल नहीं सकता।
महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में उस वक्त तनाव बढ़ गया जब ठाणे जिले के मुंब्रा इलाके को लेकर शिवसेना और एआईएमआईएम (AIMIM) आमने-सामने आ गए। विवाद की जड़ एआईएमआईएम के सबसे युवा पार्षद सहर शेख का वह बयान है, जिसमें उन्होंने अगले पांच वर्षों में मुंब्रा को "हरा करने" की बात कही थी। इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि ठाणे जिला महाराष्ट्र का सबसे बड़ा जिला है और यह पूरी तरह से भगवा है।
डिप्टी सीएम शिंदे ने अपने गुरु दिवंगत आनंद दिघे की विरासत का आह्वान करते हुए कहा कि मुंब्रा ठाणे का केवल एक छोटा सा हिस्सा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पूरा ठाणे आनंद दिघे की विचारधारा का पालन करता है, जिसे किसी भी कीमत पर बदला नहीं जा सकता। शिंदे के इस रुख को शिवसेना द्वारा अपने कोर हिंदू मतदाताओं को एकजुट करने और विपक्षी दल पर धार्मिक राजनीति करने का आरोप लगाने के रूप में देखा जा रहा है।
यह भी पढ़ें:- BMC मेयर चुनाव में होगा खेला! BJP को छोड़ उद्धव को समर्थन देंगे शिंदे? भास्कर जाधव के बयान से सियासी उबाल
हंगामे और विरोध के बाद, सहर शेख ने अपने बयान पर स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने दावा किया कि उनके "हरे" शब्द के इस्तेमाल का उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को भड़काना नहीं था, बल्कि यह केवल उनकी पार्टी (AIMIM) के झंडे के रंग का प्रतीक था।
शेख ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल ने उनके शब्दों को संदर्भ से बाहर निकाला और राजनीतिक लाभ के लिए उन्हें गलत तरीके से पेश किया है। उन्होंने यह भी कहा कि एआईएमआईएम का मुख्य ध्यान स्थानीय शासन, नागरिक समस्याओं और अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधित्व पर केंद्रित है।