

Bhiwandi News In Hindi: मनपा चुनाव के एक सप्ताह पूर्व भी वोटरों का मूड समझ में नहीं आने से प्रत्याशियों में हैरानी फैली है। चुनाव के एन मौके पर प्रबुद्ध वोटर किसके पक्ष और किसके खिलाफ मतदान करेंगे, कहना बेहद कठिन साबित हो रहा है।
चुनाव में खड़े प्रत्याशियों को लामबंद कर अपने पक्ष में खड़ा करना दमदार प्रत्याशियों को भी भारी कठिन साबित हो रहा है। गौरतलब हो कि, भिवंडी मनपा के चुनाव में वोटरों का मूड किसी भी प्रत्याशी को समझ में नहीं आने से भ्रम फैला है।
भिवंडी में मतदाता चुपचाप चुनाव की गहमागहमी पर टकटकी लगाए हुए चुनाव का खेला देख रहे हैं। अधिसंख्यक प्रबुद्ध वोटरों का कहना है कि मनपा। अंतर्गत 90 वाडों के लिए हो रहे चुनाव में अधिसंख्यक प्रत्याशी परप्रांतीय उत्तर भारतीय, बिहारी, तेलुगू, मुस्लिम समाज के वोटरों पर निर्भर हैं।
कई वाडों में भिवंडी में रह रहे दूसरे राज्यों के मतदाता निर्णायक भूमिका में है। करीब 7 लाख की आबादी वाले पावरलूम शहर भिवंडी में करीब 90% आबादी गैर मराठी की होने से प्रत्याशी की जीत का सारा दारोमदार इन्हीं बोटरों पर अधिक रहता है।
भिवंडी शहर में कोई भी वार्ड बगैर परप्रांतीय समाज से अछूता नहीं है। भाजपा, शिवसेना, कांग्रेस, सपा, राष्ट्रवादी पार्टी गैर मराठी वोटरों के भरोसे ही चुनाव की वैतरणी पार करते हैं। मनपा प्रभाग क्रमांक 1,6, 21 में मारवाड़ी, गुजराती समाज अधिक, 18,20 में मराठी समाज की भी आदि बहुलता है। मनपा अंतर्गत शेष 85 वार्डों में तेलुगू, उत्तर भारतीय, बिहारी अधिसंख्यक तादाद में हैं।
भंडारी कंपाउंड निवासी वोटर शिवप्रताप वर्मा, रामलावट कुशवाहा, मितईपाल, मनसुख हरिजन आदि वोटरों का कहना है कि, भाजपा, शिवसेना ने गैर मराठियों को दरकिनार कर 30 टिकट में से 1 उत्तर भारतीय, 1 मुस्लिम को मौका दिया, जिससे ये खासे नाराज होकर विरोधियों का प्रचार कर रहे हैं।