हर्षवर्धन सपकाल (सौजन्य-IANS)
Bhiwandi Mayor Election Today: राजनीतिक मामलों में अपनी कूटनीति से सभी पार्टियों को मात देने वाली भाजपा का भिवंडी नगर निगम में गेम पलट गया है। वहां भाजपा के 9 नगरसेवक कांग्रेस के फ्रंट में शामिल हो गए हैं। इस नगर निगम में मेयर का चुनाव आज (शुक्रवार) को होगा, जिसमें कांग्रेस की बाजी मारने की पूरी संभावना है।
भाजपा के खेमे में सेंध लगाने से उत्साहित कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने गुरुवार को तिलक भवन में एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर कहा कि हम भिवंडी में राकां (शरद पवार) और भाजपा से आए नगरसेवकों के साथ मिलकर सेक्युलर फ्रंट बनाएंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि सत्ता के लिए कांग्रेस अपनी विचारधारा से समझौता नहीं करेगी। हमलोगों ने भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए भिवंडी में सेक्युलर फ्रंट का निर्माण किया है।
भिवंडी में भाजपा नगरसेवकों को तोड़ने में राकां शरद पवार गुट के सांसद सुरेश म्हात्रे उर्फ बाल्या मामा की बड़ी भूमिका मानी जा रही है। ऐसे में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सपकाल के साथ मामा भी मौजूद रहे।
सपकाल ने कहा कि भाजपा छोड़कर सेक्युलर फ्रंट में शामिल होने वाले नारायण चौधरी पहले कांग्रेस में ही थे। उन्होंने अपने कुछ साथियों के साथ भाजपा की विचारधारा त्याग कर एक स्वतंत्र समूह बनाया है और कांग्रेस समर्थित गठबंधन में शामिल होने का निर्णय लिया है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि पिछले 24 दिनों से समान विचारधारा वाले दलों के साथ चर्चा चल रही थी। अब गतिरोध समाप्त हो गया है और भिवंडी के महापौर, उपमहापौर तथा स्थायी समिति के गठन को लेकर निर्णय लेने के लिए जल्द ही पर्यवेक्षक भेजे जाएंगे।
ये पर्यवेक्षक सभी पक्षों से चर्चा करेंगे और उसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सपकाल ने कहा कि भाजपा को सत्ता से दूर रखना कांग्रेस की स्पष्ट नीति है। हमें पूरा विश्वास है कि कांग्रेस के 30, राकां (शरद गुट) के 12 तथा भाजपा छोड़कर आए नगरसेवकों के साथ मिलकर भिवंडी में हमारी सत्ता स्थापित हो जाएगी।
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भिवंडी महानगरपालिका चुनाव में कांग्रेस ने अपने दम पर चुनाव लड़ा था और उनके सर्वाधिक 30 नगरसेवक चुन कर आए थे। कांग्रेस को राकां (शरद पवार गुट) के 12 नगरसेवकों का समर्थन प्राप्त है, लेकिन बहुमत के लिए अभी 4 और नगरसेवकों की आवश्यकता है।
सपकाल ने कहा कि हम लोगों ने भाजपा और शिंदे सेना के साथ कोई समझौता नहीं करने का फैसला किया था। लेकिन अब भाजपा के कुछ नगरसेवकों ने पार्टी और उनकी विचारधारा छोड़कर धर्मनिरपेक्ष गठबंधन (सेक्युलर फ्रंट) में शामिल होने का निर्णय लिया है। ऐसे में अब भिवंडी का महापौर और उपमहापौर सेक्युलर फ्रंट का होगा।