education quality improvement (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik Zilla Parishad: नासिक जिला परिषद स्कूलों के विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने और ‘निपुण महाराष्ट्र’ अभियान के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए जिला परिषद ने कमर कस ली है। इसके तहत कक्षा दूसरी से पांचवीं तक के 5,625 विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्य धारा में लाने के लिए अगले 30 दिनों तक मिशन मोड पर काम किया जाएगा।
हाल ही में जिला परिषद में इन छात्रों के लिए महाराष्ट्र राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा तैयार निपुण कार्यपुस्तिका (भाषा एवं गणित) का वितरण और स्तर-आधारित शिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमकार पवार के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के उन स्कूलों का चयन किया गया है, जहां 19 से 31 जनवरी के बीच हुए मासिक सत्यापन में 25 या उससे अधिक विद्यार्थी अपेक्षित शिक्षण स्तर से पीछे पाए गए थे। इस आधार पर चुने गए 131 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए पवार ने कहा कि 23 से 28 मार्च के बीच होने वाली ‘निपुण महाराष्ट्र’ की अंतिम परीक्षा से पहले हमारे पास 30 दिनों का समय है।
उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा से काम कर इन 5,625 विद्यार्थियों को निपुण बनाएं। पवार ने यह भी घोषणा की कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले और अधिकतम छात्रों को निपुण बनाने वाले शिक्षकों को जिला परिषद द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
अभियान के स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए प्राथमिक शिक्षा अधिकारी साईलता सामलेटी ने कहा कि जिले में विद्यार्थियों का ‘अ-निपुण’ होना एक गंभीर विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि अध्ययन में पीछे रहने वाले बच्चों के लिए निपुण कार्यपुस्तिका अत्यंत प्रभावी सिद्ध होगी।
ये भी पढ़े: ऋतु तावड़े को छोड़नी होगी कुर्सी! मुंबई महापौर पद पर डेढ़ साल होगा शिवसेना का कब्जा, शिंदे गुट की बड़ी जीत
शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्कूल में प्रतिदिन भाषा के लिए 60 मिनट और गणित के लिए 60 मिनट की विशेष तासिकाएं (पीरियड) लें। उन्होंने इसे उन विद्यार्थियों के लिए स्वर्णिम अवसर बताया, जिनका आधार कमजोर रह गया है, और उम्मीद जताई कि एक महीने के भीतर ये छात्र निश्चित रूप से प्रगति करेंगे। इस अवसर पर उप-शिक्षा अधिकारी अनिल पुदात और मनोहर सूर्यवंशी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।