हांथी पाव निर्मूलन अभियान शुरू, फोटो नवभारत
Hathi Pav Nirmulan Abhiyan: राज्य में फाइलेरिया उन्मूलन के उद्देश्य से 10 फरवरी से सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए) अभियान की शुरुआत जिले के भिवंडी तालुके में होगी। यह अभियान 10 से 23 फरवरी तक संचालित होगा। इस मुहिम के तहत हांथी पांव से सर्वाधिक प्रभावित भिवंडी तालुके में जनजागरण के लिए मोबाइल आरोग्य वैन का उपयोग किया जाएगा।
बताया गया कि राज्य के ठाणे, पालघर ,संभाजी नगर,गढ़चिरौली सहित राज्य के 6 जिलों के 16 तालुकों में यह निर्मूलन अभियान बड़े पैमाने पर चलाया जाएगा। भिवंडी के लिए जनजागरण वैन का उद्घाटन हरी झंडी दिखाकर मुख्य कार्यकारी अधिकारी रणजित यादव ने किया। यह मुहिम जिला मलेरिया अधिकारी कार्यालय, ठाणे व Godrej Embed – FHI संस्था के संयुक्त सहयोग से चलाई जा रही है।
इस अवसर पर उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी अविनाश फडतरे, जिला आरोग्य अधिकारी डॉ. गंगाधर परगे, अतिरिक्त जिला आरोग्य अधिकारी डॉ. दिनेश सुतार, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. संतोषी शिंदे, जिला माता-बाल संगोपन अधिकारी डॉ. स्वाती शिंदे, जिला आयुष अधिकारी डॉ. बालाजी गावडे, जिला विस्तार व माध्यम अधिकारी संजय जाधव, जनसंपर्क अधिकारी रेश्मा आरोटे व अन्य उपस्थित थे।
इस मुहिम के तहत सेविका एवं स्वास्थ्य कर्मचारी घर घर जाकर नागरिकों को हांथी पांव से बचने के लिए औषधि देंगे। ठाणे जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाळ व मुख्य कार्यकारी अधिकारी रणजीत यादव के मार्गदर्शन में इस मुहिम के तहत कुल 7 लाख 12 हजार 49 लोगों को दवाइयों के वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ठाणे जिले के भिवंडी तालुके में हांथी पांव इस रोग का फैलाव ज्यादा होने से यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
हांथी पांव एक तरह की गंभीर बीमारी है, जो संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलती है। इससे पैरों में हमेशा के लिए सूजन और अपंगत्व की स्थिति आ जाती है। ज्यादातर बाल समय में इसका संसर्ग होता है, लेकिन उसके लक्षण प्रौढावस्था में दिखते हैं। इस बीमारी का स्थायी उपचार नहीं है, बचाव ही इसका सर्वोत्तम उपाय है।
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मुहिम में भिवंडी तालुके में डीईसी व अल्बेंडाजोल इन दो गोलियों की एकत्रित मात्रा दी जानी है। भिवंडी में इसके लिए 531दस्ते तैयार किए गए हैं। दोन वर्ष के नीचे बच्चों, गर्भवती महिला व गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को ये दवाई नहीं दी जाएगी।