भारत का ‘वॉटरमेलन कॅपिटल’ बना महाराष्ट्र का ‘ये’ शहर, गर्मियों में यहां हर जगह दिखते है सिर्फ़ तरबूज़ ही तरबूज
Solapur Farmers: महाराष्ट्र का सोलापुर शहर भारत की तरबूज राजधानी बन चुका है। जानिए क्यों सोलापुर के तरबूज देशभर में मशहूर हैं और कैसे यह खेती किसानों के लिए मुनाफे का बड़ा स्रोत बन रही है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Watermelon production (सोर्सः एआय जनरेटेड- सोशल मीडिया)
Solapur Watermelon Capital: गर्मियां आते ही बाज़ार में सबसे ज़्यादा मांग तरबूज की होती है। लाल, रसीला और पानी से भरपूर यह फल न सिर्फ़ शरीर को ठंडक देता है, बल्कि उसे हाइड्रेटेड रखने में भी मदद करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत की ‘तरबूज राजधानी’ कौन-सा शहर है? महाराष्ट्र का सोलापुर शहर अब देश की तरबूज राजधानी बन चुका है। गर्मियों के मौसम में सोलापुर में जहां भी नज़र डालें, वहां आपको तरबूज ही तरबूज दिखाई देंगे।
सोलापुर जिले में बड़े पैमाने पर तरबूज उत्पादन के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। गर्मियां शुरू होते ही सोलापुर के हाईवे के किनारे दूर-दूर तक फैले खेतों में केवल तरबूज की खेती दिखाई देती है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, बाज़ार में तरबूजों की आवक भी तेज़ हो जाती है। आज सोलापुर देश के सबसे बड़े तरबूज उत्पादक क्षेत्रों में शामिल हो चुका है। यहां उत्पादित तरबूज पूरे महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों में भेजे जाते हैं।
सोलापुर के तरबूज खास क्यों हैं?
सोलापुर की मिट्टी और मौसम तरबूज की खेती के लिए बेहद अनुकूल माने जाते हैं। यहां की तेज़ गर्मी और शुष्क जलवायु तरबूज को जल्दी पकने और बेहतर गुणवत्ता वाला बनने में मदद करती है। सोलापुर के तरबूज आकार में बड़े, स्वाद में मीठे और बेहद रसीले होते हैं। यही वजह है कि इनकी मांग केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों और विदेशों तक भी है। गर्मियों के दौरान यहां से हर दिन सैकड़ों ट्रक तरबूज लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए रवाना होते हैं। सोलापुर के तरबूज विशेष रूप से उत्तर भारत के बाज़ारों में बड़ी मात्रा में भेजे जाते हैं।
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किसानों के लिए आय का बड़ा स्रोत
सोलापुर में हजारों किसानों के लिए तरबूज की खेती आय का एक बड़ा स्रोत बन चुकी है। यह फसल लगभग 70 से 90 दिनों में तैयार हो जाती है, इसलिए किसान कम समय में बेहतर मुनाफ़ा कमाने के लिए इसकी खेती को प्राथमिकता दे रहे हैं।
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अप्रैल और मई में तापमान बढ़ने के साथ तरबूज की मांग भी तेज़ी से बढ़ती है, जिससे किसानों को अच्छा लाभ मिलता है। सोलापुर जिले ने अपने अनुकूल मौसम का फायदा उठाकर तरबूज उत्पादन में देशभर में एक अलग पहचान बनाई है। कम समय में तैयार होने वाली यह फसल और लगातार बढ़ती मांग सोलापुर की कृषि अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बनती जा रही है।
