पिंपरी-चिंचवड़ मनपा स्कूलों में शिक्षक संकट गहराया, चयनित 80% उम्मीदवारों ने नहीं किया ज्वाइन
PCMC School Teacher Recruitment Issue: मनपा स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी सामने आई है। पवित्र पोर्टल से चयनित अधिकांश उम्मीदवारों के ज्वाइन नहीं करने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
- Written By: अपूर्वा नायक
PCMC टीचर भर्ती संकट (सौ. सोशल मीडिया )
PCMC School Teacher Recruitment: पिंपरी-चिंचवड़ महानगर पालिका (पीसीएमसी) की शिक्षा व्यवस्था से एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। राज्य सरकार के ‘पवित्र’ पोर्टल के माध्यम से चयनित होने के बावजूद बड़ी संख्या में शिक्षक मनपा स्कूलों में कार्यभार संभालने से बच रहे हैं।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि चयनित उम्मीदवारों में करीब 80 प्रतिशत ने नियुक्ति के बाद भी स्कूलों में ज्वाइन नहीं किया। इसका सीधा असर हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है और मनपा की शिक्षा व्यवस्था लगभग वेंटिलेटर पर पहुंच गई है।
शिक्षकों को मिल चुके है नियुक्ति पत्र
मनपा शिक्षा विभाग ने स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी को देखते हुए 262 शिक्षकों की मांग प्रशासन से की थी। लंबे इंतजार के बाद ‘पवित्र’ पोर्टल के जरिए भर्ती प्रक्रिया पूरी हुई और बड़ी संख्या में उम्मीदवारों का चयन भी किया गया।
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विभाग ने शैक्षणिक वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए नियुक्ति पत्र जारी कर उम्मीदवारों को कार्यभार संभालने के निर्देश दिए, लेकिन अधिकांश चयनित शिक्षक स्कूलों में पहुंचे ही नहीं। कई बार संपर्क और आदेश जारी करने के बावजूद प्रतिक्रिया निराशाजनक रही।
बेहतर वेतनमान की उम्मीद में किया था आवेदन
जानकारी के अनुसार, चयनित उम्मीदवारों में से कई पहले से ही आंशिक रूप से सहायता प्राप्त निजी स्कूलों में कार्यरत हैं। उन्होंने सरकारी लाभ और बेहतर वेतनमान की उम्मीद में आवेदन किया था, लेकिन चयन के बाद वर्तमान नौकरी छोड़ने या मनपा के नियमों के तहत काम करने में रुचि नहीं दिखाई। कुछ उम्मीदवारों ने तकनीकी कारणों का हवाला दिया, जबकि कई ने चुप्पी साध ली। इस स्थिति का सबसे बड़ा नुकसान विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है।
एक शिक्षक पर कई कक्षाओं का जिम्मा
शिक्षकों की कमी के कारण कई स्कूलों में “एक शिक्षक, अनेक वर्ग” जैसी व्यवस्था लागू करनी पड़ रही है। एक ही शिक्षक को दो से तीन कक्षाओं के विद्यार्थियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी दी जा रही है। विज्ञान, गणित और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उम्मीदवारों से लगातार संपर्क किया जा रहा है, लेकिन अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिल रहा।
सख्त रुख अपनाने की तैयारी
ज्वाइन नहीं करने वाले उम्मीदवारों का अधिक इंतजार नहीं किया जाएगा, विभाग जल्द ही रिक्त पदों के लिए दोबारा विज्ञापन जारी करेगा, ताकि नई भर्ती के जरिए स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर की जा सके।
– संगीता बांगर, प्रशासन अधिकारी, शिक्षा विभाग
पवित्र पोर्टल की कार्यप्रणाली पर भी उठने लगे सवाल
इस बीच ‘पवित्र’ पोर्टल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। कुछ निजी स्कूल प्रबंधन पोर्टल में तकनीकी खामियों और डेटा मिसमैच का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि शिक्षा विभाग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पोर्टल पूरी तरह सक्रिय है और कई स्कूल समय पर रिक्तियों की जानकारी अपडेट नहीं करते, जिससे समस्या उत्पन्न होती है।
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एक साल से एक भी नियमित शिक्षक नहीं
निगडी स्थित मनपा का विद्यानिकेतन स्कूल नंबर-1 इस बदहाल व्यवस्था की सबसे बड़ी मिसाल बन गया है। पहली से सातवीं तक संचालित इस स्कूल में 104 विद्यार्थी दर्ज है, लेकिन पिछले एक वर्ष से यहां एक भी नियमित शिक्षक नहीं है। पूरा स्कूल केवल प्रभारी प्रधानाध्यापक के भरोसे चल रहा है। मानदेय पर नियुक्त दो शिक्षकों में से एक लंबे अवकाश पर हैं। पोर्टल के माध्यम से यहां दो शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी, लेकिन उन्होंने भी ज्वाइन नहीं किया।
