
Solapur Police Investigation:सोलापुर में एक शिक्षक (सोर्सः सोशल मीडिया)
Solapur Fraud Case: शिक्षक को पुलिसकर्मी के बेटे ने 74 लाख रुपये से अधिक की ठगी का शिकार बना लिया। इस सनसनीखेज मामले से सोलापुर शहर में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने 34 वर्षीय आरोपी स्वप्निल बाबूराव काले के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पीड़िता टीचर वसंती सूर्यकांत येले (उम्र 50) अपने परिवार के साथ बीजापुर रोड स्थित मशाल वस्ती क्षेत्र की सदिच्छा हाउसिंग सोसाइटी में रहती हैं।
उनके पति मुंबई में रेलवे पुलिस फोर्स (RPF) में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं। साल 2020 में पुलिस बॉयज़ एसोसिएशन द्वारा सोलापुर शहर में आयोजित एक कार्यक्रम में वसंती येले और उनके पति की मुलाकात आरोपी स्वप्निल बाबूराव काले से हुई थी। इसके बाद स्वप्निल का उनके घर नियमित आना-जाना शुरू हो गया।
दिसंबर 2020 में स्वप्निल ने वसंती येले को बताया कि उसके पिता का निधन हो चुका है और उसे कविता नगर पुलिस लाइन्स का सरकारी घर खाली करने को कहा गया है। उसने यह भी कहा कि वह रहने के लिए नया घर खरीदना चाहता है और आर्थिक मदद की आवश्यकता है। उसने भरोसा दिलाया कि पिता से मिलने वाली रकम आने के बाद वह पैसे लौटा देगा। परिचय और लगातार संपर्क के कारण वसंती ने उस पर भरोसा किया और नकदी न होने की स्थिति में उसे अपने सोने के गहने सौंप दिए।
बाद में स्वप्निल ने यह दावा किया कि उसे सोलापुर रेलवे स्टेशन पर टूर्स एंड ट्रैवल्स का टेंडर मिला है और इस व्यवसाय के लिए कारों की जरूरत है। अधिक मुनाफे का लालच देकर उसने वसंती येले के नाम पर तीन कारें खरीदीं, लेकिन उनकी किस्तें नहीं भरीं। इतना ही नहीं, उसने इन कारों को एक निजी साहूकार के पास गिरवी भी रख दिया।
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जब वसंती ने बार-बार अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी टालमटोल करने लगा। इस तरह आरोपी ने कुल 74 लाख 67 हजार 654 रुपए की ठगी की। इस मामले में बीजापुर नाका पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक शीतल कुमार गायकवाड़ कर रहे हैं।






