Solapur district politics (सोर्सः सोशल मीडिया)
Solapur District Politics: सोलापुर जिले में पंचायत समिति अध्यक्षों के चुनाव की घोषणा आज हुई और सोलापुर जिले में भाजपा को बड़ी सफलता मिली है। सोलापुर के संरक्षक मंत्री जयकुमार गोरे के नेतृत्व में भाजपा ने जिले की 11 में से 10 पंचायत समितियों पर अपना झंडा फहराया है। आज हुए अध्यक्ष चुनाव में मालशिरस को छोड़कर बाकी सभी पंचायत समितियों में भाजपा के अध्यक्ष चुने गए हैं।
कल सांगोला में दीपक सालुंखे के तीन सदस्यों के सही समय पर भाजपा में शामिल होने के बाद यहां 55 साल पुराने किसान मजदूर पार्टी के शासन को खत्म करते हुए भाजपा-शिवसेना गठबंधन सत्ता में आ गया। इसके बाद सांगोला में शहाजीबापू पाटिल, दीपक आबा सालुंखे और भाजपा कार्यकर्ताओं ने जीत का जश्न मनाया।
शेकाप के नेता और सोलापुर जिले के पूर्व विधायक स्वर्गीय गणपतराव देशमुख ने लंबे समय तक सांगोला के किले को अभेद्य बनाए रखा था। लेकिन इस बार शेकाप के साथ चुनाव लड़ने वाले दीपक सालुंखे पाटिल गुट के तीन पंचायत समिति सदस्य भाजपा में शामिल हो गए, जिससे सांगोला में सत्ता परिवर्तन हुआ। भाजपा की पूनम इंगवाले सांगोला पंचायत समिति की अध्यक्ष चुनी गईं, जबकि शिवसेना (शिंदे गुट) के अजय सरगर उपाध्यक्ष बने हैं।
पंढरपुर पंचायत समिति में भी सत्ताधारी और विपक्ष के वोट बराबर थे। लेकिन राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के सदस्य प्रमोद हरि देशमुख के व्हिप तोड़कर भाजपा को समर्थन देने से भाजपा के डॉ. शुभम अगलावे 7 के मुकाबले 9 वोटों से अध्यक्ष पद पर विजयी हुए। वहीं प्रमोद देशमुख को उपाध्यक्ष पद मिला है।
मालशिरस में, जिसे मोहिते पाटिल का गढ़ माना जाता है, वहां महायुति के खिलाफ महाविकास आघाड़ी के प्रयोग में शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) ने मिलकर सत्ता हासिल की। यहां शिवसेना के दत्ता मगर अध्यक्ष और एनसीपी शरद पवार गुट की मनीषा पाटिल उपाध्यक्ष चुनी गईं।
मालशिरस को छोड़कर भाजपा ने बाकी सभी 10 पंचायत समितियों में अपने अध्यक्ष बनाए हैं। इनमें सात जगह भाजपा के उपाध्यक्ष, दो जगह एनसीपी (अजित पवार गुट) और एक जगह शिवसेना (शिंदे गुट) के उपाध्यक्ष बने हैं। चुनाव के बाद पूरे जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार जश्न मनाया।
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इस बीच बार्शी में, जहां महाआघाड़ी का प्रयोग विफल रहा, वहां भी भाजपा ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। भाजपा की मीनाक्षी रोंगे अध्यक्ष और संतोष निंबालकर उपाध्यक्ष चुने गए। यहां शिवसेना और एनसीपी के दो-दो सदस्यों ने मिलकर महाआघाड़ी का प्रयोग किया था, लेकिन भाजपा ने स्पष्ट बहुमत से जीत हासिल की।