Weather Update: मार्च में ही लू जैसे हालात, अकोला में पारा 42 डिग्री तक पहुंचा, अमरावती रहा सबसे गर्म
Vidarbha Heatwave News: महाराष्ट्र के अकोला में मार्च की शुरुआत से ही गर्मी तेज हो गई है और तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। प्रशासन ने नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Akola Weather Update (सोर्सः सोशल मीडिया)
Akola Temperature 42 Degree: विदर्भ क्षेत्र में मार्च की शुरुआत से ही गर्मी ने रफ्तार पकड़ ली है। अकोला में गुरुवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह विदर्भ में दूसरा सबसे अधिक तापमान रहा, जबकि सबसे ज्यादा तापमान अमरावती में 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मार्च की शुरुआत से ही अकोला में तेज धूप और गर्म हवाओं का असर महसूस होने लगा है। 2 मार्च को यहां अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस था, जो अब बढ़कर 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। यानी कुछ ही दिनों में तापमान में करीब 3.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि इस वर्ष गर्मी और अधिक तीव्र हो सकती है।
बरतें विशेष सावधानी
विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक बढ़ता तापमान जलवायु परिवर्तन का सीधा परिणाम हो सकता है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे दोपहर के समय बाहर निकलते समय विशेष सावधानी बरतें। तेज धूप से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
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गर्मी से बचाव के लिए ये उपाय करें
- बाहर निकलते समय छाता, टोपी, गॉगल्स और जूते का उपयोग करें।
- यात्रा के दौरान अपने साथ पानी की बोतल अवश्य रखें।
- धूप में काम करने वाले लोग सिर पर टोपी, स्कार्फ या तौलिया रखें।
- शरीर में पानी की कमी महसूस होने पर ओआरएस, नींबू पानी या छाछ का सेवन करें।
- यदि कमजोरी, सिरदर्द, अत्यधिक पसीना या चक्कर आने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
पशुधन और घर के लिए भी सावधानी जरूरी
प्रशासन ने कहा है कि पशुधन और पालतू जानवरों को छाया में रखें और उन्हें पर्याप्त पानी उपलब्ध कराएं। घर को ठंडा रखने के लिए पर्दे, शटर और सनशेड का उपयोग करें। कार्यस्थलों पर ठंडे पानी की व्यवस्था होनी चाहिए और गर्भवती तथा बीमार कामगारों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
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साथ ही नागरिकों को चेतावनी दी गई है कि छोटे बच्चों और पालतू जानवरों को बंद वाहन में न छोड़ें। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच धूप में बाहर जाने से बचें। गहरे और मोटे कपड़े पहनने से परहेज करें तथा अधिक तापमान में भारी शारीरिक श्रम से बचें। गर्मी के दिनों में रसोई को खुला रखें और बासी भोजन, शराब, चाय, कॉफी तथा कार्बोनेटेड पेय पदार्थों का सेवन कम करें, क्योंकि इससे शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ सकती है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इन सावधानियों का पालन करें और किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। यह सतर्कता न केवल नागरिकों बल्कि बच्चों और पशुधन के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए भी बेहद जरूरी है।
