सोलापुर में पीएम मोदी के अपील की निकली हवा; पालक मंत्री की बैठक में उमड़ा 150 गाड़ियों का काफिला
Solapur Minister Meeting Fuel Waste PM Modi Appeal: सोलापुर में पालक मंत्री की बैठक में 150 वाहनों का काफिला। पीएम मोदी की मितव्ययिता अपील का उल्लंघन। कलेक्टर ने दिए निर्देश।
- Written By: अनिल सिंह
Solapur Guardian Minister Meeting: महाराष्ट्र के सोलापुर में शुक्रवार को आयोजित पालक मंत्री जयकुमार गोरे की समीक्षा बैठक विवादों के केंद्र में आ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से ईंधन बचाने, विदेशी यात्राएं टालने और सोने की खरीद कम करने का आग्रह किया था ताकि देश का विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रहे। हालांकि, सोलापुर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने इस अपील को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। योजना भवन में आयोजित इस बैठक में मंत्रियों, विधायकों और विभागाध्यक्षों के वाहनों का ऐसा जमावड़ा लगा कि पार्किंग छोटी पड़ गई।
समीक्षा बैठक के दौरान रिकॉर्ड किए गए आंकड़ों के अनुसार, पालक मंत्री के सरकारी काफिले के साथ 8 गाड़ियां, विधायकों और पदाधिकारियों की 30 गाड़ियां और कार्यकर्ताओं व अधिकारियों की लगभग 100 से अधिक गाड़ियां मौजूद थीं। समर्थ सोलापुर एक्शन कमेटी ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जब तक जनप्रतिनिधि खुद उदाहरण पेश नहीं करेंगे, तब तक आम जनता से त्याग की उम्मीद करना बेमानी है।
कलेक्टर का नया ‘परिपत्र’ और भविष्य की योजना
विवाद बढ़ता देख सोलापुर जिला कलेक्टर कार्तिकेयन एस. ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने घोषणा की है कि जल्द ही एक आधिकारिक परिपत्र जारी किया जाएगा, जिसमें सरकारी अधिकारियों और पदाधिकारियों को कार्यालय आने-जाने या बैठकों के लिए निजी वाहनों के उपयोग से बचने का निर्देश दिया जाएगा। कलेक्टर ने सुझाव दिया कि अधिकारियों को ‘कार-पूलिंग’ करनी चाहिए या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना चाहिए ताकि ईंधन की अधिकतम बचत हो सके।
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ई-बस सेवा का अधूरा सपना
एक तरफ ईंधन बचाने की बात हो रही है, वहीं दूसरी तरफ सोलापुर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बदहाल है। राज्य सरकार ने शहर के लिए 100 ई-बसों को मंजूरी दी थी, लेकिन तकनीकी कारणों और फाइलों की सुस्ती की वजह से डेढ़ साल बाद भी एक भी नई बस सड़क पर नहीं उतरी है। वर्तमान में शहर में केवल 18 बसें ही चल रही हैं, जबकि रिक्शाओं की संख्या 15 हजार के पार है। सार्वजनिक परिवहन की यह कमी ईंधन की बर्बादी का एक मुख्य कारण बनी हुई है।
मंत्री की सफाई और राष्ट्रहित की दुहाई
आलोचनाओं के बीच पालक मंत्री जयकुमार गोरे ने अपनी सफाई में कहा कि प्रधानमंत्री की अपील राष्ट्रहित में है और सभी को इसका पालन करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में ईंधन का कम से कम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। हालांकि, सोलापुर के नागरिकों का मानना है कि केवल भाषणों से नहीं, बल्कि मंत्रियों को अपने लग्जरी काफिले कम करके जमीन पर इस अपील को लागू करना होगा।
