मां को लगा बेटी पढ़ाई कर रही है, मेडिकल छात्रा ने कमरे में लगाई फांसी और मौत को लगाया गले

Solapur Crime News: सोलापुर इलाके की एक संभ्रांत सोसाइटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रही एक युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
मेडिकल छात्रा ने कमरे में लगाई फांसी और मौत को लगाया गले
मेडिकल छात्रा ने कमरे में लगाई फांसी और मौत को लगाया गले (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Solapur Police: सोलापुर शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी है। शहर के जुले सोलापुर इलाके की एक संभ्रांत सोसाइटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रही एक युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना मंगलवार, 7 अक्टूबर को सुबह करीब 11:30 बजे हुई।

सोलापुर के डॉ. वैशम्पायन मेमोरियल गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में तृतीय वर्ष की छात्रा साक्षी सुरेश मैलापुरे (25) ने अज्ञात कारणों से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सोलापुर शहर के बीजापुर नाका पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस जाँच कर रही है। पुलिस साक्षी का मोबाइल फ़ोन ज़ब्त करेगी और उससे और जानकारी मिलने की उम्मीद है।

माँ को लगा कि बेटी पढ़ाई कर रही है

साक्षी मैलापुरे मंगलवार सुबह अपने अंदर वाले कमरे में पढ़ने गई थी। वह काफी देर तक बाहर नहीं आई। उसकी माँ ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज़ नहीं आई। मोबाइल पर कॉल करने पर भी उसने फ़ोन नहीं उठाया। इस पर घबराई उसकी माँ ने अपने रिश्तेदारों और पड़ोसियों को फ़ोन किया।

पंखे के हुक से दुपट्टे से लगाई फांसी

दरवाजा खुलते ही साक्षी कमरे में पंखे के हुक से दुपट्टे से लटकी हुई दिखी। उसे फंदे पर लटका देख उसकी माँ के पैरों तले ज़मीन खिसक गई। रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने साक्षी को बेहोशी की हालत में इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बड़ी बहन ले रही मेडिकल की शिक्षा

साक्षी के पिता सुरेश मैलापुरे सोलापुर शहर में महावितरण विभाग में अतिरिक्त कार्यकारी अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। सुरेश मैलापुरे की बड़ी बेटी पुणे में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। छोटी बेटी, पत्नी और सुरेश मैलापुरे सोलापुर में ही रहने वाले थे। मंगलवार को पत्नी और बेटी दोनों घर पर थीं। चूँकि बेटी की परीक्षाएँ चल रही थीं, इसलिए वह अपने कमरे में थी।

पैतृक गाँव में अंतिम संस्कार

जैसे ही डॉक्टरों ने साक्षी को मृत घोषित किया, साक्षी की माँ फूट-फूट कर रोने लगीं। डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम किया और शव परिजनों को सौंप दिया। साक्षी का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गाँव जाट (सांगली जिला) में किया गया। साक्षी की प्रारंभिक परीक्षा हो चुकी थी, साक्षी पढ़ाई में भी अच्छी थी।

हर साल दिवाली से पहले कॉलेज मुख्य परीक्षा से पहले छात्रों की प्रारंभिक परीक्षा आयोजित करता है। मेडिकल के तीसरे वर्ष में केवल दो विषय होते हैं। साक्षी पढ़ाई में अच्छी थी, उसने दोनों साल अच्छे अंकों से पास किए। उसने आत्महत्या क्यों की? यह अभी स्पष्ट नहीं है। बीजापुर नाका पुलिस आत्महत्या के कारणों की जाँच कर रही है। पुलिस ने कहा है कि आगे की जाँच के लिए साक्षी का मोबाइल फ़ोन ज़ब्त किया जाएगा।

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