Solapur Police (सोर्सः सोशल मीडिया)
Solapur Child Marriage Case: एक तरफ हम 21वीं सदी के प्रगत महाराष्ट्र की बात करते हैं, लेकिन दूसरी तरफ बाल विवाह की अनैतिक प्रथा अभी भी खत्म नहीं हुई है। यह भयानक वास्तविकता और दिल दहला देने वाली घटना सोलापुर जिले के मंगलवेढ़ा से सामने आई है। यहां एक 14 साल की लड़की ने शादी के सिर्फ चार माह बाद ही आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे जिले को हिलाकर रख दिया है और अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या कानून का कोई डर बचा है या नहीं?
मंगलवेढ़ा तालुका के बावची और निम्बानी इलाके में हुई इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। मात्र 14 साल की एक नाबालिग लड़की की शादी चार महीने पहले कम उम्र में ही कर दी गई थी। इतनी छोटी उम्र में ही उसके कंधों पर जिंदगी की बड़ी जिम्मेदारियां डाल दी गईं। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। शादी के कुछ ही दिनों बाद उसके ससुराल वालों ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस 14 साल की नवविवाहिता को उसके ससुराल वाले मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। जिस उम्र में वह पढ़ाई-लिखाई और सपनों की दुनिया में होना चाहिए था, उसी उम्र में उसे ससुराल की यातनाएं झेलनी पड़ीं। आखिरकार, इस लगातार हो रही प्रताड़ना से तंग आकर उसने अपनी जीवनलीला समाप्त करने का कठोर कदम उठा लिया।
इस घटना की खबर फैलते ही इलाके में आक्रोश की लहर दौड़ गई है। मंगलवेढ़ा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पीड़िता के पति और ससुर को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने दोनों को पुलिस हिरासत में भेज दिया है और पुलिस इंस्पेक्टर दत्तात्रेय बोरिगिड़े इस मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं।
इस घटना के बाद एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था की सतर्कता पर सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर 14 साल की लड़की का बाल विवाह कैसे हो गया? क्या गांव के जिम्मेदार लोगों को इसकी जानकारी नहीं थी? क्या व्यवस्था किसी की जान जाने के बाद ही जागेगा? बाल विवाह रोकने के लिए सख्त कानून होने के बावजूद, चोरी-छिपे होने वाली ऐसी शादियां आज भी कई मासूम बच्चियों की जिंदगी के लिए खतरा बनी हुई हैं।