भंडारा: बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में जुटा प्रशासन, 11,909 नागरिकों ने ली शपथ; 2026 तक 10% कमी का लक्ष्य

भंडारा जिले में बाल विवाह मुक्ति के लिए नागरिकों ने ऑनलाइन संकल्प लिया। प्रशासन ने ग्राम सेवकों को विशेष अधिकार दिए हैं।
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Bhandara Social Awareness News: मासूम बच्चों के बचपन और उनके शिक्षा व स्वास्थ्य के अधिकार को सुरक्षित रखने के लिए भंडारा जिला बाल विवाह की कुप्रथा को समाप्त करने के लिए पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जिले के 11,909 जागरूक नागरिकों ने ऑनलाइन संकल्प लिया और यह प्रतिज्ञा की कि वे अपने क्षेत्र में बाल विवाह नहीं होने देंगे और इसे बढ़ावा नहीं देंगे।

राज्य में भंडारा जिला 32वें स्थान पर है। 2024-25 के दौरान जिले में कुल 6 बाल विवाह रोकने में सफलता मिली, जिनमें से 5 मामलों में औपचारिक कार्रवाई दर्ज की गई।

केंद्र सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक देश को इस प्रथा से पूरी तरह मुक्त करना है, और इसके लिए जनभागीदारी को सबसे अहम माना जा रहा है। प्रशासन ने अभियान को धरातल पर लागू करने के लिए ग्राम सेवकों को बाल विवाह निषेध अधिकारी के रूप में विशेष अधिकार दिए हैं।

जिला बाल संरक्षण कक्ष, चाइल्ड हेल्पलाइन और आंगनवाड़ी सेविकाओं की टीम स्कूल और कॉलेजों में जाकर सघन जनसंपर्क कर रही है। भित्ति-पत्रक और मुनादी के माध्यम से गांव-गांव में यह संदेश फैलाया जा रहा है कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह करना दंडनीय अपराध है।

जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 के बीच प्रशासन ने सक्रिय निगरानी रखते हुए 6 बाल विवाह रोककर मामले दर्ज किए। इनमें से 4 गंभीर मामलों में सीधे प्राथमिकी दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।

जिला प्रशासन ने वर्ष 2026 तक बाल विवाह की दर में 10 प्रतिशत की कमी लाने का विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया है। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग और पंचायत विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। साथ ही इंडियन सोशल वेलफेयर सोसायटी जैसी स्वयंसेवी संस्थाएं तकनीकी और सामाजिक सहयोग प्रदान कर रही हैं। सरपंच, पुलिस पाटिल और ग्राम सेवकों की सामूहिक जवाबदेही तय की गई है।

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