दोनों राष्ट्रवादी होगी एक! घड़ी निशान पर लड़ेंगे चुनाव, सोलापुर में बदलेंगे राजनीतिक समीकरण
Solapur NCP: सोलापुर जिले में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के लिए शरद पवार और अजित पवार गुट के बीच सहमति बन गई है, जहां कई नेता घड़ी चुनाव चिन्ह पर मिलकर चुनाव लड़ेंगे।
- Written By: आंचल लोखंडे
Solapur NCP:सोलापुर जिला (सोर्सः सोशल मीडिया)
Solapur ZP Election: पुणे समेत राज्य में हुए म्युनिसिपल चुनावों में नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों को बड़ा झटका लगा है। अजित पवार गुट की करारी हार के बाद दोनों पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं की बैठकों का सिलसिला तेज हो गया है। हाल ही में घोषित जिला परिषद (ZP) और पंचायत समिति चुनावों को लेकर नई रणनीति तैयार की जा रही है।
इसी बीच अहम जानकारी सामने आई है कि शरद पवार गुट के नेता ZP और पंचायत समिति चुनाव घड़ी चुनाव चिन्ह पर लड़ने के लिए सहमत हो गए हैं। माढा के विधायक अभिजीत पाटिल ने हाल ही में अजित पवार से मुलाकात की थी, जिसके बाद उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट की।
मिलकर जिला परिषद का चुनाव लड़ेंगे
अभिजीत पाटिल ने बताया कि माढा और पंढरपुर तालुका में ZP और स्थानीय निकाय चुनाव घड़ी के निशान पर लड़े जाएंगे। म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनाव के बाद सोलापुर जिले में दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के गुट मिलकर जिला परिषद का चुनाव लड़ेंगे।
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उन्होंने कहा कि अजित पवार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सोलापुर जिले में जो नेता तुरही चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ना चाहते हैं, वे तुरही पर लड़ें और जो घड़ी पर लड़ना चाहते हैं, वे घड़ी चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ सकते हैं। इसी फैसले के तहत शरद पवार गुट के माढा विधायक अभिजीत पाटिल माढा और पंढरपुर तालुका में घड़ी निशान पर चुनाव लड़ेंगे।
राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे
साथ ही, अन्य विधायक भी अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार तुरही या घड़ी चुनाव चिन्ह पर जिला परिषद चुनाव लड़ सकेंगे। शरद पवार गुट के सत्ता से बाहर होने के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। माढा और करमाला से विधायक अभिजीत पाटिल और नारायण आबा पाटिल को शुरू से ही BJP के करीब माना जा रहा है। वहीं, मालशिरस से विधायक उत्तम जानकर और मोहोल से विधायक राजू खरे को एकनाथ शिंदे गुट के साथ देखा गया है।
अब जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में BJP के सिंबल पर चुनाव लड़ने का चलन बढ़ा है, इसका असर इन सभी विधायकों पर पड़ता दिख रहा है। इसी वजह से अभिजीत पाटिल ने अजित पवार के साथ चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है और संभावना है कि नारायण आबा पाटिल भी इसी राह पर जाएंगे।
मोहोल और संगोला में क्या होगा?
सूत्रों के मुताबिक, मोहोल से शरद पवार गुट के विधायक राजू खरे जिला परिषद चुनाव में घड़ी और तीर-कमान चुनाव चिन्ह के तहत चुनाव लड़ सकते हैं। वहीं, मालशिरस से विधायक उत्तम जानकर शरद पवार के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं।
BJP को रोकने के लिए महाविकास आघाड़ी ने सोलापुर जिले में उपमुख्यमंत्री अजित पवार और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट को साथ लेकर चुनाव लड़ने की रणनीति बनाई है। ऐसे में सोलापुर जिले में भी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की तरह BJP के खिलाफ सभी दलों की एकजुट तस्वीर देखने को मिल सकती है।
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संगोला में पूर्व विधायक शहाजी बापू पाटिल द्वारा BJP के साथ चुनाव लड़ने का रुख स्पष्ट करने के बाद, अब शिंदे गुट, BJP और पूर्व विधायक दीपक सालुंखे गुट के एक साथ चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है।
