Solapur News: नॉर्थ सोलापुर में BJP-NCP की कांटे की टक्कर, बदले राजनीतिक समीकरण
BJP Vs NCP Solapur: नॉर्थ सोलापुर के नन्नज और वडाला में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव में BJP और NCP के बीच कड़ी टक्कर हुई, जिसमें BJP ने नन्नज ग्रुप में बड़ी जीत दर्ज कर राजनीतिक समीकरण बदल दिए।
- Written By: आंचल लोखंडे
BJP vs NCP Solapur (सोर्सः सोशल मीडिया)
North Solapur Politics: वडाला-नॉर्थ सोलापुर तालुका में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव में भी BJP और NCP के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। हालांकि, इस बार NCP का गढ़ माने जाने वाले नन्नज जिला परिषद ग्रुप को BJP ने पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। नन्नज जिला परिषद ग्रुप में एकजुट BJP ने मजबूत वापसी की, जबकि NCP को हार का सामना करना पड़ा।
नन्नज Z.P. ग्रुप में BJP की चैताली मुले विजयी रहीं, नन्नज पंचायत समिति ग्रुप में सुनील भोसले ने जीत दर्ज की, जबकि वडाला ग्रुप में NCP की वैशाली शिलवंत ने बाजी मारी। पूर्व विधायक दिलीप माने के BJP में शामिल होने से तालुका के राजनीतिक समीकरण बदल गए। BJP ने श्रीकांत मुले की पत्नी चैताली मुले को मैदान में उतारा, जो माने के समर्थक माने जाते हैं।
NCP का गढ़ ढहा
BJP ने एक योजनाबद्ध कैंपेन सिस्टम लागू किया। स्टेट एग्जीक्यूटिव मेंबर शाहजी पवार, सोलापुर मार्केट कमेटी के चेयरमैन दिलीप माने, पूर्व विधायक यशवंत माने, मार्केट कमेटी डायरेक्टर अविनाश मार्तड, BJP तालुका अध्यक्ष संभाजी दादे और BJP जिला OBC संगठन के अध्यक्ष विनायक सुतार ने पार्टी को एकजुट रखते हुए NCP को कड़ी टक्कर दी और जीत हासिल की।
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दूसरी ओर, NCP को जिला परिषद उम्मीदवार अनिल माली और नन्नज पंचायत समिति उम्मीदवार प्रकाश चोरेकर के बीच प्रचार मशीनरी में तालमेल की कमी का नुकसान उठाना पड़ा। तालुका स्तर के संगठन ने भी नन्नज ग्रुप में NCP उम्मीदवारों की अनदेखी की। इसके अलावा, नन्नज के सरपंच पद के लिए अन्य उम्मीदवारों को मौका देने के फैसले से भी कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। इस अनदेखी के कारण कई कार्यकर्ता पार्टी छोड़कर चले गए, जिससे नन्नज में NCP को बड़ा नुकसान हुआ।
नन्नज में BJP की बड़ी जीत
NCP के वरिष्ठ नेता बलिराम साठे के वडाला गांव में BJP उम्मीदवार ने एक हजार से अधिक वोट हासिल किए। NCP (शरद चंद्र पवार गुट) के उम्मीदवार दीपक क्षीरसागर जिला परिषद के लिए मैदान में थे और उन्हें नन्नज ग्रुप में 1794 वोट मिले, जिससे NCP उम्मीदवार अनिल माली को कुछ हद तक नुकसान हुआ।
नन्नज पंचायत समिति के लिए NCP उम्मीदवार प्रकाश चोरेकर ने अपने गांव नन्नज में प्रचार पर ज्यादा ध्यान दिया। वहीं, रणमसले में उन्होंने केवल पदयात्रा तक ही प्रचार सीमित रखा। यही उनकी हार का एक प्रमुख कारण बना। रणमसले के स्थानीय उम्मीदवार सत्यवान गरद, जो ‘तुतारी’ निशान पर चुनाव लड़ रहे थे, 1108 वोटों के साथ आगे रहे।
त्रिकोणीय मुकाबला
वडाला पंचायत समिति के लिए त्रिकोणीय मुकाबला हुआ, जिसमें मुख्य टक्कर NCP और BJP के बीच थी। तीनों उम्मीदवार कलमन गांव से थे। यहां वैशाली शिलवंत ने स्थानीय ग्राम पंचायत चुनावों पर ध्यान न देने की शर्त पर जीत दर्ज की। इस वजह से शिल्पा माली लगभग 400 वोटों से पीछे रह गईं। वैशाली शिलवंत ने कलमन में 400 वोटों और वडाला में 462 वोटों की बढ़त के दम पर BJP की शिल्पा माली को 491 वोटों से हराया।
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नन्नज और वडाला से बदला चुनावी समीकरण
नन्नज के मतदाताओं ने स्थानीय BJP उम्मीदवार चैताली मुले को 3389 वोटों के बड़े अंतर से समर्थन दिया, जबकि NCP को यहां केवल 1069 वोट मिले। वडाला से NCP उम्मीदवार अनिल माली को अपने ही गांव से अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। इसके उलट, वडाला में BJP की चैताली मुले को 1050 वोट मिले। BJP को मिले कुल वोटों में से लगभग आधे वोट नन्नज और वडाला दोनों गांवों से आए, जिससे NCP उम्मीदवार अनिल माली की स्थिति कमजोर हो गई।
रणमसले में BJP और NCP को वोटों का नुकसान
रणमसले से सत्यवान गरड ‘तुतारी’ निशान पर नन्नज पंचायत समिति का चुनाव लड़ रहे थे। वहीं, जिला परिषद ग्रुप से खड़े दीपक क्षीरसागर को भी ‘तुतारी’ निशान पर रणमसले से 496 वोट मिले। इससे BJP और NCP दोनों उम्मीदवारों को वोटों का नुकसान हुआ।
