
पूर्व विधायक आसिफ शेख व मंत्री नितेश राणे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Asif Sheikh Reply To Nitesh Rane Statement: नासिक और त्र्यंबकेश्वर में अगले साल कुंभ मेला आयोजित होने जा रहा है। मत्स्य व्यवसाय मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने यह रुख अपनाया है कि इस कुंभ मेले में केवल हिंदू व्यापारियों को ही दुकानें लगाने की अनुमति मिलनी चाहिए और मुसलमानों की दुकानें बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। इस पर मालेगांव में तीव्र प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
इस्लाम पार्टी के संस्थापक और पूर्व विधायक आसिफ शेख ने नितेश राणे पर कड़ा हमला बोला है। शेख ने कहा कि राणे का यह बेलगाम बयान संविधान विरोधी है। वे जानबूझकर ऐसे बयान देते हैं। शेख ने मांग की कि इस बयान के लिए सरकार को उनका इस्तीफा ले लेना चाहिए।
नितेश राणे ने नासिक दौरे के दौरान यह रुख अपनाया था कि नासिक और त्र्यंबकेश्वर परिसर में लगने वाली दुकानों में मुस्लिमों को जगह नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने यह स्पष्टीकरण देने की भी कोशिश की कि कुंभ मेले में मुस्लिमों को दुकानें लगाने के लिए जगह क्यों नहीं मिलनी चाहिए।
राणे ने सवाल उठाया कि मुस्लिम नागरिक मूर्ति पूजा को नहीं मानते और उनके धर्म में मूर्ति पूजा का कोई स्थान नहीं है, न ही वे हिंदू धर्म को मान्यता देते हैं, तो ऐसे में दूसरों के नियम और धर्म को न मानने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले में क्या काम करेंगे?
मंत्री राणे ने कहा था कि कुंभ मेला हिंदुओं का धार्मिक उत्सव है, इसलिए केवल हिंदू व्यापारियों को ही दुकानें लगाने की अनुमति मिलनी चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि मुस्लिम लोग दुकानों पर हिंदू देवी-देवताओं के नाम लगाकर ऐसे उत्सवों में व्यवसाय करते हैं और कुंभ मेले में भी ऐसा हो सकता है। इसे रोकने के लिए साधु-संतों को भी सतर्क रहना चाहिए।
राणे के इस बयान पर मालेगांव के मुस्लिम समुदाय में तीव्र प्रतिक्रिया दी है। आगामी नगर पालिका चुनाव की पृष्ठभूमि पर इस्लाम पार्टी ने मालेगांव में एक जनसभा आयोजित की, जहां राणे के रुख पर असंतोष व्यक्त किया गया और तीखी आलोचना की गई।
सभा के बाद मीडिया से बात करते हुए आसिफ शेख ने राणे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले में मुस्लिम व्यापारियों की दुकानों का विरोध करना केवल वोटों की राजनीति करने का प्रयास है। उन्होंने तर्क दिया कि हिंदू की दुकान से मुस्लिम और मुस्लिम की दुकान से हिंदू वस्तुएं खरीद सकता है।
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शेख ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुसार, मुस्लिमों को दुकानें लगाने से रोकने का कोई कानून नहीं बनाया जा सकता है, इसलिए राणे का बयान संविधान विरोधी है। शेख ने कहा कि मंत्री के रूप में राणे ने जो शपथ ली है, यह बयान उस शपथ का उल्लंघन है।
शेख ने यह भी याद दिलाया कि दिवाली के समय अहिल्यानगर में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक संग्राम जगताप ने भी बयान दिया था कि हिंदुओं को मुस्लिमों की दुकानों से खरीदारी नहीं करनी चाहिए। शेख ने आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे बयान देने के पीछे दो समुदायों के बीच मतभेद पैदा करके राजनीतिक लाभ उठाना का प्रयास है।






