शिंदे बनाम ठाकरे: नासिक दौरे पर आदित्य ठाकरे का बड़ा शक्ति प्रदर्शन, कमजोर संगठन में फूंकेंगे नई जान
Nashik Political Rally: नासिक में शिवसेना के शिंदे और ठाकरे गुट के बीच संगठनात्मक ताकत की लड़ाई तेज हो गई है। आदित्य ठाकरे के दौरे को चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
- Written By: अंकिता पटेल
आदित्य ठाकरे, शिवसेना विवाद, नासिक राजनीति, (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nashik Politics Local Body Elections: नासिक शिवसेना में विभाजन के बाद राज्यभर में शिंदे गुट और ठाकरे गुट के बीच संगठनात्मक ताकत की लड़ाई तेज हो गई है। इसी कड़ी में अब नासिक में भी दोनों गुटों ने शक्ति प्रदर्शन शुरू कर दिया है। शिवसेना शिंदे गुट के युवा नेता एवं सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने गुरुवार से नासिक में शिव संवाद दौरे की शुरुआत कर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी में जुटाया था। इसके कुछ ही दिनों बाद शिवसेना ठाकरे गुट के युवा नेता आदित्य ठाकरे ने रविवार को नासिक दौरा कर पार्टी संगठन में नई ऊर्जा भरने का प्रयास किया।
शिवसेना में बड़ी टूट के बाद नासिक जिले में ठाकरे गुट का संगठन कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा था। कई पूर्व नगरसेवक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शिंदे गुट में शामिल हो गए थे, जिससे ठाकरे गुट को संगठनात्मक नुकसान हुआ था। ऐसे में आगामी स्थानीय स्वराज्य संस्था और जिला परिषद चुनावों की पृष्ठभूमि में आदित्य ठाकरे का यह दौरा राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बूथ स्तर पर कार्यकर्ता रहे सक्रिय
दौरे के दौरान आदित्य ठाकरे ने स्थानीय पदाधिकारियों, युवासेना कार्यकर्ताओं और शिवसैनिकों की समीक्षा बैठकें ली। संगठन को फिर से मजबूत करने के लिए बूथ स्तर पर सक्रिय रहने के निर्देश देते हुए उन्होंने गांव-गांव में पार्टी की ताकत बढ़ाने पर जोर दिया।
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आगामी चुनावों में आक्रामक तरीके से काम करने के निर्देश देने के साथ ही नाराज कार्यकर्ताओं को फिर से एकजुट करने पर भी उन्होंने विशेष ध्यान केंद्रित किया, ऐसी चर्चा है। विशेष रूप से नासिक में ठाकरे गुट के लिए यह दौरा मोरल बूस्टर साबित हुआ माना जा रहा है।
नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं के लिए करना पड़ रहा संघर्ष
राज्य सहित देशभर में बढ़ रही बिजली कटौती, ईधन संकट, एलपीजी सिलेंडर की कमी, पानी की समस्या और केंद्रीय परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं को लेकर शिवसेना (ठाकरे गुट) के नेता एवं विधायक आदित्य ठाकरे ने केंद्र सरकार पर जोरदार निशाना साधा है। नासिक आते समय उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह टिप्पणी की।
आदित्य ठाकरे ने कहा कि देश के प्रमुख शहरों और अधिकांश जिलों में नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। डबल इंजन हो या ट्रिपल इंजन सरकार, आम जनता की समस्याएं जस की तस बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अच्छे दिन का वादा कर केंद्र की सत्ता में आई सरकार को 12 वर्ष पूरे होने के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिल सकी है।
कार्यकर्ताओं में भरा जोश
पिछले कुछ महीनों से शिंदे गुट नासिक में संगठन विस्तार के लिए जोरदार मोर्चेबंदी कर रहा है। ऐसे में आदित्य ठाकरे के दौरे से ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं में नया उत्साह दिखाई दिया।
बैठक में स्थानीय स्तर की समस्याओं पार्टी संगठन में बदलाव, आगामी चुनावों की रणनीति और युवासेना की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गई।
पार्टी की विचारधारा को प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया, बूथ प्रबंधन और स्थानीय जनसंपर्क बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए, ऐसी जानकारी सूत्रों ने दी।
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इधर, नासिक में कुछ ही दिनों के अंतराल में डॉ. श्रीकांत शिंदे और आदित्य ठाकरे के दौरे होने से शिवसेना के दोनों गुटों के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है।
आगामी स्थानीय स्वराज्य संस्था बुनाची की पृष्ठभूमि में नासिक का राजनीतिक माहौल अब और गर्म होने के संकेत मिल रहे है।
