अमित जी, मातोश्री से जरा संभलकर! बर्थडे पर Ramdas Kadam की अमित ठाकरे को नसीहत; उद्धव-आदित्य पर कसा तीखा तंज

Ramdas Kadam Statement: रामदास कदम ने अमित ठाकरे को जन्मदिन की बधाई देते हुए मातोश्री और आदित्य ठाकरे पर तीखा तंज कसा। जानें क्यों कदम ने अमित ठाकरे को अपने भाई आदित्य से संभलकर रहने की सलाह दी।
"Amit-ji, tread carefully around Matoshree!" — Ramdas Kadam's advice to Amit Thackeray on his birthday; takes a sharp dig at Uddhav and Aditya
सांकेतिक फोटो (सोर्स: डिजाइन फोटो)
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Ramdas Kadam Advice: महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी का दौर हमेशा गर्माता रहता है, लेकिन इस बार मौका था महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता अमित ठाकरे के जन्मदिन का। अमित ठाकरे के जन्मदिन पर जहां एक ओर पारिवारिक रिश्तों की झलक दिखी, वहीं दूसरी ओर तीखे राजनीतिक कटाक्ष भी देखने को मिले। शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेता रामदास कदम ने अमित ठाकरे को जन्मदिन की बधाई देते हुए उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे पर जमकर निशाना साधा है।

अमित जी, मातोश्री से बचकर रहें

अमित ठाकरे के जन्मदिन के अवसर पर शिवसेना (UBT) के नेता आदित्य ठाकरे खुद उनके निवास स्थान पहुंचे और उन्हें गले लगकर शुभकामनाएं दीं। भाई-भाई के इस मेलमिलाप पर रामदास कदम ने टिप्पणी की। अमित ठाकरे को सलाह देते हुए कदम ने कहा, अमित जी, आपको जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं, लेकिन मेरी एक सलाह है कि आप मातोश्री (उद्धव ठाकरे का निवास स्थान) से जरा संभलकर रहें। आज आदित्य ठाकरे आपको शुभकामनाएं देने आए हैं, एक भाई के नाते उन्होंने प्यार जताया है, लेकिन यह भाईचारा कितने दिन टिकेगा, यह देखना होगा। रामदास कदम यहीं नहीं रुके, उन्होंने पुरानी कड़वाहट को याद दिलाते हुए कहा कि आदित्य ठाकरे खुद तो चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंच गए, लेकिन उन्होंने अमित ठाकरे को हरवाने का काम किया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि मातोश्री का आप पर अद्भुत प्रेम है, जिससे आपको सावधान रहने की जरूरत है।

एकनाथ शिंदे के दिल्ली दौरे का समर्थन

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हालिया दिल्ली दौरे को लेकर विपक्षी दलों द्वारा की जा रही आलोचनाओं पर भी रामदास कदम ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सत्ता चलाने के लिए दिल्ली जाना अनिवार्य होता है। कदम ने शिंदे के दौरे के पक्ष में निम्नलिखित तर्क दिए:

  • विकास के लिए धन: राज्य की विकास योजनाओं और परियोजनाओं के लिए केंद्र से निधि लाने हेतु दिल्ली जाना पड़ता है।
  • जनता के प्रश्न: किसानों, मजदूरों और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए केंद्र सरकार से समन्वय आवश्यक है।
  • मराठी अस्मिता: कदम ने कहा, मुझे मेरे नेता (एकनाथ शिंदे) पर गर्व है। वे उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं और उन्होंने कभी ऐसा कोई काम नहीं किया जिससे मराठी मानुष के स्वाभिमान को ठेस पहुंचे।

अमित ठाकरे के जन्मदिन पर रामदास कदम का यह बयान स्पष्ट करता है कि महाराष्ट्र में ठाकरे बनाम ठाकरे और शिंदे बनाम उद्धव की लड़ाई अब पारिवारिक कार्यक्रमों तक भी पहुंच चुकी है। जहां आदित्य ठाकरे रिश्तों की दुहाई दे रहे हैं, वहीं रामदास कदम इसे एक राजनीतिक ढोंग बताकर अमित ठाकरे को आगाह कर रहे हैं। आने वाले चुनावों में इन बयानों का असर जमीन पर क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा।

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