विपक्ष सत्ता में था तो आप क्या कर रहे थे? सवाल पूछने को राजनीति कहने पर फडणवीस पर भड़के राज ठाकरे
Raj Thackeray Slams Devendra Fadnavis Missing Link Ram Mandir: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे भूस्खलन और राम मंदिर दान चोरी पर राज ठाकरे ने देवेंद्र फडणवीस को घेरा। बोले- आप विपक्ष में थे तो क्या किया था?
- Written By: अनिल सिंह
मिसिंग लिंक पर राजनीति को लेकर फडणवीस पर भड़के राज ठाकरे (फोटो क्रेडिट-X
Raj Thackeray Devendra Fadnavis Clash: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना में हुए भूस्खलन के बाद महाराष्ट्र की राजनीतिक जंग में अब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे की भी धमाकेदार एंट्री हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा विपक्ष की आलोचना को ‘राजनीति’ और ‘महाराष्ट्र का अपमान’ बताने पर राज ठाकरे ने तीव्र आक्रोश व्यक्त किया है।
ठाकरे ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री से सवाल किया कि जब वे खुद विपक्ष में रहकर तत्कालीन सरकारों पर सवाल उठाते थे, तब क्या वे राजनीति नहीं कर रहे थे? मुंबई में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मनसे प्रमुख ने केवल भूस्खलन ही नहीं, बल्कि अयोध्या राम मंदिर में हुई कथित चंदा चोरी और रेलवे भर्तियों में मराठी युवाओं के साथ हो रहे भेदभाव को लेकर केंद्र व राज्य सरकार पर चौतरफा हमला बोला।
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मुख्यमंत्री का हिंदी भाषण चाटुकारिता का उदाहरण
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा विपक्ष को हिंदी में आक्रामक जवाब देने और ‘देख लूंगा’ की भाषा इस्तेमाल करने पर राज ठाकरे ने तीखा तंज कसा। ठाकरे ने कहा, “मिसिंग लिंक के भ्रष्टाचार और घटिया काम पर सवाल उठाने से महाराष्ट्र का अपमान कैसे हो गया? हमारी मौजूदा सरकार को अचानक हिंदी भाषा की इतनी बड़ी चिंता क्यों सताने लगी है?”
उन्होंने आगे कहा, “मुख्यमंत्री का वह हिंदी भाषण महाराष्ट्र के विधायकों या जनता के लिए नहीं, बल्कि दिल्ली में बैठे उनके शीर्ष आकाओं को अपनी वफादारी दिखाने के लिए था। एक मंत्री इसे प्राकृतिक आपदा बताकर राजनीति न करने की सलाह दे रहे हैं। सत्ताधारियों को याद रखना चाहिए कि कल जब वे सत्ता में नहीं रहेंगे और ऐसी ही कोई दुर्घटना होगी, तब भी वे इसे प्राकृतिक आपदा बताकर चुप बैठेंगे क्या?”
राम मंदिर ट्रस्ट में 1,400 करोड़ की कथित चोरी
राज ठाकरे ने अपने भाषण में अयोध्या के भव्य राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान में हुई कथित हेराफेरी का मुद्दा उठाकर भाजपा को बैकफुट पर धकेल दिया। उन्होंने कहा कि जब राम मंदिर में कथित तौर पर 1,400 करोड़ तक की दान चोरी का आंकड़ा सामने आता है, तो उस पर बात करना धर्म का अपमान कैसे हो गया?
उन्होंने सवाल उठाया, “राम मंदिर ट्रस्ट के 15 में से 12 ट्रस्टियों की नियुक्ति खुद केंद्र सरकार ने की है, और वे सभी लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बीजेपी और आरएसएस (RSS) से जुड़े हैं। बीजेपी के ही एक सांसद ने खुद इस चोरी की बात कबूली है, लेकिन बाकी सब मौन हैं। अगर किसी अन्य गैर-बीजेपी दल के शासन में यह चोरी हुई होती, तो यही लोग अब तक देश की सड़कों पर मोर्चे निकाल रहे होते।”
2008 का रेलवे आंदोलन याद दिलाया
मनसे के गौरवशाली इतिहास और मराठी अस्मिता का जिक्र करते हुए राज ठाकरे ने साल 2008 के उस बड़े रेलवे भर्ती आंदोलन को याद किया, जिसके बाद मनसे को ‘रेल इंजन’ चुनाव चिन्ह मिला था। उन्होंने कहा कि उस आंदोलन के कारण ही तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव को झुकना पड़ा था और रेलवे परीक्षाएं स्थानीय मातृभाषा में आयोजित होने लगीं, जिससे हजारों मराठी युवाओं को रोजगार मिला।
उन्होंने वर्तमान व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूछा, “आज भी अगर महाराष्ट्र की रेलवे में भर्तियां निकलती हैं, तो उसकी जानकारी राज्य के स्थानीय अखबारों के बजाय उत्तर प्रदेश और बिहार के समाचार पत्रों में क्यों प्रकाशित की जाती है? रेलवे स्टेशनों के प्लेटफॉर्म अवैध स्टॉलों और बाहरी लोगों से भरे पड़े हैं। हमारे कार्यकर्ताओं को इस पर और भर्ती प्रक्रियाओं पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखनी होगी।” ठाकरे ने यह भी बताया कि उस ऐतिहासिक मराठी आंदोलन के कारण उन पर 110 आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे और उन्हें जेल जाना पड़ा था, लेकिन वे महाराष्ट्र के सम्मान के लिए झुकने वाले नहीं हैं।
