संसद रत्न 2026: शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे दूसरी बार होंगे सम्मानित; संसदीय प्रदर्शन में फिर गाड़ा झंडा

Shrikant Shinde Sansad Ratna: डॉ. श्रीकांत शिंदे को दूसरी बार मिलेगा संसद रत्न पुरस्कार। जानें उनके 6 निजी विधेयकों और संसदीय कार्यों के बारे में जिन्होंने उन्हें देश के शीर्ष सांसदों में शामिल किया।
Sansad Ratna 2026: Shiv Sena MP Dr. Shrikant Shinde to be Honored for the Second Time; Once Again Sets a Benchmark in Parliamentary Performance
श्रीकांत शिंदे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Shrikant Shinde Wins Sansad Ratna Award: शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे ने अपनी सक्रिय कार्यशैली और उत्कृष्ट संसदीय योगदान के दम पर एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्हें प्रतिष्ठित संसद रत्न पुरस्कार 2026 के लिए चुना गया है। यह दूसरा अवसर है जब डॉ. शिंदे को इस सम्मान से नवाजा जा रहा है; इससे पहले वर्ष 2024 में भी उन्हें इस पुरस्कार के लिए चुना गया था।

इन आधारों पर हुआ चयन

पुरस्कार समिति के अनुसार, डॉ. शिंदे का चयन उनके व्यापक मूल्यांकन के बाद किया गया है, जिसमें निम्नलिखित बिंदु मुख्य रहे:

  • संसद में उनकी उच्च उपस्थिति।
  • जनहित से जुड़े विषयों पर गहन चर्चा में सहभागिता।
  • प्रश्नों की गुणवत्ता और 06 महत्वपूर्ण निजी विधेयक (Private Member Bills) पेश करना।

डीपफेक से लेकर गौ-संरक्षण तक

डॉ. शिंदे ने संसद में तकनीकी और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए हैं। उनके द्वारा प्रस्तुत प्रमुख विधेयकों में शामिल हैं:

  • डीपफेक रेगुलेशन बिल: एआई (AI) के दौर में बढ़ती तकनीकी चुनौतियों पर लगाम।
  • गौ संरक्षण एवं संवर्धन विधेयक: पशुधन की सुरक्षा।
  • अनाथ बाल कल्याण एवं विकास विधेयक: सामाजिक न्याय की दिशा में कदम।
  • निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा संशोधन विधेयक।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की आवाज़

शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे केवल घरेलू मुद्दों तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने वैश्विक स्तर पर भी भारत का नेतृत्व किया है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में उन्होंने कई देशों (UAE, सिएरा लियोन, कांगो आदि) की यात्रा की और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को मजबूती से रखा।

क्या है संसद रत्न पुरस्कार?

इस पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2010 में प्राइम पॉइंट फाउंडेशन द्वारा पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के सुझाव पर की गई थी। इसे देश के सांसदों के लिए सबसे विश्वसनीय और प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक माना जाता है।

Navbharat Live
navbharatlive.com