कर्जमाफी पर शरद गुट का सरकार पर दबाव, शशिकांत शिंदे बोले- शर्तें हटाकर दें 2 लाख तक की राहत
Shashikant Shinde Demands Farmer Loan Waiver: किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी और शर्तों में ढील की मांग को लेकर शरद पवार गुट ने सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। प्रदेशाध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने चेतावनी दी है।
- Written By: अपूर्वा नायक
शशिकांत शिंदे ने की किसान कर्ज माफी की मांग (सौ. डिजाइन फोटो )
Shashikant Shinde Demands Farmer Loan Waiver News: किसानों के लिए सभी शर्ते हटाकर पूरी कर्जमाफी देने की मांग को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है।
शरद गुट के प्रदेशाध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आचारसंहिता का बहाना बनाकर कर्जमाफी को टाला नहीं जाना चाहिए, अन्यथा उनकी पार्टी सड़क पर उतरने को मजबूर होगी।
शिंदे ने कहा कि रोहित पवार पंढरपुर में पांडुरंग का स्मरण कर अनशन कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे लेकर आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस आंदोलन को गंभीरता से लेना चाहिए, उन्होंने बताया कि वे इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से चर्चा करेंगे, और शरद पवार से भी उनकी बातचीत हो चुकी है।
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जो इस मामले को वरिष्ठ स्तर पर उठाएंगे। शिंदे ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं, तो उनकी पार्टी राज्यभर में आंदोलन करेगी। शशिकांत शिंदे ने मांग की कि किसानों के लिए लागू सभी शर्तें हटाकर 2 लाख की कर्जमाफी दी जानी चाहिए।
नियम बनाकर करें योजना लागू
सरकार को इसके लिए स्पष्ट नियम बनाकर योजना लागू करनी चाहिए, उन्होंने आचारसंहिता को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कैबिनेट में कर्जमाफी का विषय लाया गया था, तब आचारसंहिता कहां थी? उन्होंने कहा कि अगर आचारसंहिता का जीआर चुनाव के बाद जारी किया जा सकता है, तो निर्णय को सिर्फ इसलिए नहीं रोका जाना चाहिए कि कोई जनप्रतिनिधि आंदोलन पर बैठा है।
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आंदोलन को बढ़ता समर्थन
शिंदे ने कहा कि रोहित पवार के आंदोलन को लगातार विभिन्न नेताओं का समर्थन मिल रहा है। कांग्रेस नेता सुनील केदार भी आंदोलन स्थल पर पहुंचकर समर्थन दे चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस आंदोलन को नजरअंदाज किया तो इसके गंभीर राजनीतिक परिणाम पूरे महाराष्ट्र में देखने को मिलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को किसानों के हित में काम करना चाहिए और कर्जमाफी की शतों को कुछ हद तक शिथिल किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ ले सकें।
