महाराष्ट्र कांग्रेस में असंतोष के बीच नेतृत्व का फैसला, नए जिलाध्यक्षों को मिलेगा 6 महीने का समय

Maharashtra Congress District President: महाराष्ट्र कांग्रेस में हालिया जिलाध्यक्ष नियुक्तियों को लेकर असंतोष उभरकर सामने आया है। शिकायतों के बाद पार्टी नेतृत्व ने मामले का संज्ञान लिया है।
Maharashtra Congress District President Appointments
हर्षवर्धन सपकाल (सोर्स: सोशल मीडिया) (फाइल फोटो )
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Maharashtra Congress District President Appointments: कांग्रेस पार्टी ने कुछ दिन पहले महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की थी। इन नियुक्तियों को लेकर राज्य के कुछ कांग्रेस नेताओं ने प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के खिलाफ शिकायतों का पुलिंदा लेकर दिल्ली दरबार का रुख किया, जिसके बाद पार्टी नेतृत्व ने मामले का संज्ञान लिया है।

हालांकि, तत्काल किसी भी जिलाध्यक्ष को नहीं बदला जाएगा और 6 महीने बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी, ऐसी भूमिका कांग्रेस ने अपनाई है। इस पूरी पृष्ठभूमि में पार्टी नेतृत्व ने प्रदेशाध्यक्ष को यह संदेश भी दिया है कि आपका काम अच्छा चल रहा है, लेकिन राज्य संगठन प्रमुख के रूप में सभी नेताओं को साथ लेकर चलें।

देशभर में संगठन को नए सिरे से खड़ा करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने 'सृजन संगठन अभियान' चलाया था। इस अभियान के तहत देश के विभिन्न हिस्सों से कांग्रेस नेताओं को पर्यवेक्षक के रूप में महाराष्ट्र के प्रत्येक जिले में भेजा गया था।

विदर्भ में नाराज नेताओं की संख्या अधिक

सूत्रों के अनुसार, विदर्भ के कुछ सांसदों और विधायकों ने भी पार्टी नेतृत्व से मुलाकात कर अपनी तथा अपने क्षेत्र के नेताओं की नाराजगी जाहिर की। उन्होंने मांग की कि जिन जिलाध्यक्षों को लेकर असंतोष है, उन्हें तत्काल बदला जाए, सांसदों और विधायकों द्वारा व्यक्त की गई इस नाराजगी का कांग्रेस नेतृत्व ने संज्ञान लिया है।

प्रदेशाध्यक्ष को दिए गए कुछ आवश्यक सुझाव

इसके अनुसार प्रदेशाध्यक्ष को कुछ आवश्यक सुझाव भी दिए गए है। हालांकि, जिन नेताओं को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, उन्हें कम से कम 6 महीने काम करने का अवसर दिया जाएगा। फिलहाल किसी को भी नहीं बदला जाएगा। उनके 6 महीने के कार्यकाल की समीक्षा के बाद ही यह तय किया जाएगा कि उन्हें पद पर बनाए रखा जाए या बदला जाए।

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