Sunil Tatkare On NCP Merger (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Sunil Tatkare NCP Statement: महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के निधन के बाद शुरू हुई उथल-पुथल थमने का नाम नहीं ले रही है। एक ओर जहां शरद पवार और उनके गुट के नेता दोनों एनसीपी के विलीनीकरण (Merger) की खबरें फैला रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अजित पवार के करीबी और सांसद सुनील तटकरे ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। सोमवार (02 फरवरी) को सतारा के कराड में पत्रकारों से बात करते हुए तटकरे ने स्पष्ट कर दिया कि पार्टी की दिशा वही रहेगी जो दिवंगत अजित पवार ने तय की थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी एनडीए (NDA) गठबंधन में ही रहेगी और विलय की बातें करने वालों को अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए।
सुनील तटकरे, महाराष्ट्र की नवनियुक्त उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के साथ राज्य के पहले मुख्यमंत्री यशवंतराव चव्हाण के स्मारक पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए पार्टी की एकजुटता और भविष्य की रणनीति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अजित दादा के नेतृत्व में लिया गया निर्णय सामूहिक था और उसे राज्य की जनता का भी समर्थन प्राप्त है।
सुनील तटकरे ने प्रस्तावित विलय के विरोध की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके या प्रफुल्ल पटेल के मन में किसी भी प्रकार का मतभेद होने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने याद दिलाया कि अजित दादा के नेतृत्व में पार्टी ने भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल होने का फैसला पूरी तरह विचार-विमर्श के बाद लिया था। तटकरे के अनुसार, हालिया विधानसभा चुनावों में महाराष्ट्र की जनता ने अजित दादा के इस निर्णय पर अपनी मुहर लगाई है, इसलिए गठबंधन बदलने या विलय करने का कोई ठोस कारण नजर नहीं आता।
ये भी पढ़ें- 10 साल के बच्चे ने लगा ली फांसी, महाराष्ट्र के गढ़चिरोली में मचा हड़कंप, मामले की जांच में जुटी पुलिस
शरद पवार द्वारा किए गए दावों पर पलटवार करते हुए सुनील तटकरे ने कहा, “जो लोग विलय की बात कर रहे हैं, उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि कौन सी पार्टी किसमें विलय करेगी और क्या वे खुद इस पर सहमत हैं?” उन्होंने स्पष्ट किया कि एनसीपी का वर्तमान विधायक दल इतना सशक्त और संगठित है कि वह अपने भविष्य और नए नेता की नियुक्ति के संबंध में स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने में सक्षम है। तटकरे का यह बयान सीधे तौर पर शरद पवार के उस दावे को चुनौती देता है जिसमें उन्होंने कहा था कि 12 फरवरी को विलय की घोषणा होने वाली थी।
अजित पवार के निधन के बाद पैदा हुए शून्य को भरने के लिए सुनेत्रा पवार ने 31 जनवरी को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। इससे पहले, उन्हें सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया था। सुनील तटकरे ने संकेत दिया कि पार्टी अब सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में अजित दादा के अधूरे सपनों और उनके द्वारा तय किए गए विकास के मार्ग को आगे बढ़ाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी पहले ही कहा है कि अगर विलय जैसी कोई बात होती, तो अजित पवार उन्हें इसकी जानकारी जरूर देते, जिससे शरद पवार के दावों पर संदेह और बढ़ गया है।