Satara MD Drugs Factory Case प्रतीकात्मक तस्वीर (डिजाइन फोटो)
Balu Chavan Arrested: महाराष्ट्र में सातारा एमडी ड्रग्स फैक्ट्री मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट 7 ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने सोलापुर जेल में तैनात जेल पुलिसकर्मी बालू चव्हाण को गिरफ्तार किया है। चव्हाण पर आरोप है कि उसने जेल के भीतर से ही ड्रग्स सिंडिकेट चलाने में मुख्य आरोपी फैयाज शेख की मदद की। यह गिरफ्तारी जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है क्योंकि एक पुलिसकर्मी ही ड्रग्स माफिया का मददगार बनकर उभरा है।
मुख्य आरोपी फैयाज शेख पिछले डेढ़ साल से सोलापुर जेल में बंद है लेकिन जेल की सलाखों के पीछे होने के बावजूद उसका कारोबार थमा नहीं था। जांच में पता चला है कि बालू चव्हाण मोटी रकम के बदले फैयाज को अपना मोबाइल फोन मुहैया कराता था। इसी फोन के जरिए फैयाज जेल से ही अपने पूरे ड्रग्स नेटवर्क को नियंत्रित कर रहा था और इसी संचार की मदद से उसने सातारा में नई ड्रग्स फैक्ट्री की नींव रखी थी।
मुंबई क्राइम ब्रांच ने 13 दिसंबर 2025 को सातारा जिले के जावली तालुका स्थित सावरी गांव में एक खेत में चल रही एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। इस छापेमारी में करीब 115 करोड़ रुपये मूल्य का एमडी ड्रग्स और निर्माण सामग्री जब्त की गई थी। जांच के दौरान पुलिस को इस सिंडिकेट के अंतरराष्ट्रीय तार भी मिले हैं। सूत्रों के अनुसार फैयाज शेख का बेटा फहाद इस समय दुबई में छिपा हुआ है और वहीं से ड्रग्स के व्यापार का समन्वय करता है। पुलिस ने फहाद को इस मामले में वांटेड घोषित किया है जो दुबई से पैसों और माल की हेराफेरी को नियंत्रित कर रहा था।
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इस ड्रग्स कांड ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है और सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शिवसेना (UBT) नेता सुषमा अंधारे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सनसनीखेज आरोप लगाया कि जिस जगह पर यह अवैध धंधा चल रहा था वह उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के भाई प्रकाश शिंदे से संबंधित है। अंधारे ने मामले की जानकारी दबाने का आरोप सातारा के पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी पर भी लगाया है। इन गंभीर आरोपों के साथ ही शिवसेना (UBT) ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के इस्तीफे की मांग कर दी है जिससे यह मामला अब केवल अपराध तक सीमित न रहकर सीधे सत्ता के गलियारों तक पहुँच गया है।
गिरफ्तार जेल पुलिसकर्मी बालू चव्हाण को अदालत में पेश किया गया जहाँ से उसे 21 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। क्राइम ब्रांच की यूनिट 7 अब चव्हाण से यह उगलवाने की कोशिश कर रही है कि जेल में और कौन-कौन से अधिकारी इस सिंडिकेट की मदद कर रहे थे। पुलिस को अंदेशा है कि फैयाज शेख का नेटवर्क काफी बड़ा है और इसमें कई अन्य प्रभावशाली लोग भी शामिल हो सकते हैं। मुलुंड से शुरू हुई यह जांच अब दुबई और महाराष्ट्र की जेलों तक फैल चुकी है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।