पुणे-कोल्हापुर यात्रा में आएगा बड़ा बदलाव, 6 घंटे का सफर अब सिर्फ 3 घंटे में होगा पूरा फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया
Western Maharashtra Connectivity News: महाराष्ट्र के पश्चिमी भाग में स्थित दो महत्वपूर्ण शहरों, पुणे और कोल्हापुर के बीच यात्रा करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राष्ट्रीय महामार्ग-48 (पुणे-बेंगलुरु हाईवे) पर चल रहे व्यापक उन्नयन कार्य और बुनियादी ढांचे में सुधार के बाद, दोनों शहरों के बीच का सफर अब पहले से कहीं अधिक तेज और सुगम होने वाला है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के इस प्रोजेक्ट से यात्रा समय घटकर महज 3 घंटे रह जाने की संभावना है, जबकि वर्तमान में इसी दूरी को तय करने में यात्रियों को 5 से 6 घंटे का समय लग जाता है। फिलहाल, पुणे से कोल्हापुर तक का सफर करने में औसतन 5 से 6 घंटे का समय लग जाता है। इस देरी के पीछे कई बड़े कारण हैं।
खंबाटकी घाट की घुमावदार सड़कें, सातारा, कराड और कागल जैसे प्रमुख शहरों में होने वाला भारी ट्रैफिक, और कई स्थानों पर चल रहे अधूरे निर्माण कार्य यात्रियों की परीक्षा लेते हैं। विशेष रूप से सप्ताहांत (वीकेंड) और त्योहारों के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब हजारों वाहन एक साथ सड़कों पर उतरते हैं, जिससे कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत हाईवे को पूरी तरह से आधुनिक रूप दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य इसे एक ‘स्मूथ’ कॉरिडोर में बदलना है।
इस परियोजना के तहत छह लेन चौड़ी सड़क, खंबाटकी घाट में नई सुरंग, फ्लाईओवर और बाईपास के साथ ही सर्विस रोड और अंडरपास की सुविधा पर जोर दिया जा रहा है। यातायात की बढ़ती क्षमता को संभालने के लिए सड़क का विस्तार किया जाएगा।
घाट की खतरनाक ढलानों और मोड़ों से बचने के लिए अत्याधुनिक टनल का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा, सातारा और कराड जैसे बड़े शहरों के लिए बाईपास और महत्वपूर्ण चौराहों पर फ्लाईओवर बन रहे हैं। स्थानीय यातायात और ग्रामीणों की आवाजाही को मुख्य हाईवे से अलग करने के लिए कणेगांव, किणी, शिरोली, और उजलाईवाडी जैसे गांवों में अंडरपास का निर्माण होना है।
वर्तमान में सफर लंबा होने के पीछे कई वजहें हैं खंबाटकी घाट की घुमावदार सड़कें, सातारा कराड कागल जैसे शहरों में भारी ट्रैफिक और जगह-जगह अधूरे निर्माण कार्य। खासकर सप्ताहांत और त्योहारों पर हजारों वाहनों के एक साथ निकलने से कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है।
अधिकारियों के मुताबिक सातारा कराड खंड में फ्लाईओवर का काम अंतिम चरण में है। नई डिजाइन और अंडरपास से स्थानीय वाहन व पैदल यात्री मुख्य हाईवे पर आए बिना सुरक्षित रूप से आवागमन कर सकेंगे। घाट क्षेत्र की नई सुरंग से समय बचेगा और भारी वाहनों को जोखिम भरे मोड़ों से मुक्ति मिलेगी। परियोजना का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है; शेष कार्य 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।
| रूट | वर्तमान समय | अनुमानित समय |
|---|---|---|
| पुणे → सातारा | ~2.5 घंटे | ~1.5 घंटे |
| सातारा → कोल्हापुर | ~2.5–3 घंटे | ~1.5 घंटे |
| कुल (पुणे → कोल्हापुर) | 5–6 घंटे | करीब 3 घंटे |
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अधिकारियों के अनुसार, सातारा और कराड के बीच फ्लाईओवर का काम अब अपने अंतिम चरण में है। नई सड़क डिजाइन और अंडरपास के कारण स्थानीय वाहनों और पैदल चलने वालों को मुख्य हाईवे पर आने की जरूरत नहीं होगी। घाट क्षेत्र में नई सुरंग बनने से न केवल समय बचेगा, बल्कि भारी वाहनों को चढ़ाई और खतरनाक मोड़ों से भी राहत मिलेगी। इस परियोजना का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है और शेष कार्य 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।
पुणे-कोल्हापुर हाईवे का यह कायाकल्प पश्चिम महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होगा। कोल्हापुर का चीनी उद्योग, कृषि उत्पाद और औद्योगिक सामान अब पुणे और मुंबई के बाजारों तक बहुत कम समय में पहुंच सकेंगे। इसके अलावा, कोल्हापुर के प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर, पन्हाला किला और आगे गोवा जाने वाले पर्यटकों के लिए यह मार्ग पहली पसंद बनेगा, लॉजिस्टिक लागत में कमी आने से स्थानीय उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में लाभ मिलेगा।