बड़े भाई हैं, ज्यादती नहीं…वर्षा बंगले पर शिंदे-फडणवीस के बीच हुई तीखी बहस! सातारा मामले में छिड़ी महाभारत
Satara ZP Election Dispute: सातारा जिला परिषद को लेकर महायुति में 'महा-संग्राम'! शिंदे गुट की भाजपा को कड़ी चेतावनी- "ज्यादती बर्दाश्त नहीं"। वर्षा बंगले पर हुई फडणवीस-शिंदे की अहम बैठक।
- Written By: प्रिया जैस
एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Mahayuti Internal Conflict: सातारा जिला परिषद में भाजपा की बनी सत्ता को लेकर महायुति में तनाव जारी है। विधान भवन में हुए हंगामे के बाद मामले की सुलह के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंद के बीच सोमवार की देर रात चर्चा हुई। शिंदे ने चेतावनी दी है कि बड़ा भाई होने के नाते हम भाजपा का सम्मान करते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
सातारा जिला परिषद (एपी) के 5 सदस्यों को अपने पाले कर सत्ता बनाने में कामयाब रही। इस मामले को लेकर शिंदे गुट और एननसीपी में जबरदस्त नाराजगी देखी जा रही है। सोमवार को विधान मंडल में इस मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा हुआ था। इस मामले को लेकर सीएम फडणवीस ने सोमवार की देर रात अपने सरकारी आवास वर्षा बंगले पर डीसीएम शिंदे के साथ चर्चा की।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री फडणवीस ने महायुति में बढ़ रहे तनाव को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने सातारा के राजनीतिक हालात और शिवसेना की भूमिका पर सवाल उठाए। हालांकि शिंदे ने साफ़ चेतावनी दी है कि “बड़े भाई” के तौर पर हम भाजपा से तालमेल की उम्मीद है, लेकिन ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
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विधान भवन की सीढ़ियों पर प्रदर्शन
सोमवार को विधानसभा और विधान परिषद में इस मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा हुआ था। शिंदे गुट और एनसीपी नेताओं की पुलिस की ओर से की गई पिटाई के मुद्दे पर विधानसभा में जोरदार बहस हुई थी।
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शिंदे गुट के विधायकों ने सातारा के पुलिस सुपरिटेंडेंट तुषार दोशी और संबंधित पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। मामला और गरमा गया जब विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोर्हे ने तुषार दोशी को निलंबित करने का निर्देश दिया।
हालांकि सभापति राम शिंदे ने इस निर्देश को टाल दिया, जिससे भ्रम का माहौल बन गया। इस बीच विधान भवन की सीढ़ियों पर शिंदे गुट और एनसीपी के विधायकों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था। शिंदे गुट के मंत्रियों ने यहां तक कह दिया कि वे इस्तीफा देने के लिए तैयार है।
