CM फडणवीस ने 99वें मराठी साहित्य सम्मेलन का किया उद्घाटन, कहा- साहित्य में राजनीति नहीं
CM Devendra Fadnavis ने सातारा में 99वें मराठी साहित्य सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान सीएम ने साहित्य को राजनीति से दूर रखने और मराठी भाषा अनिवार्य रखने का आश्वासन दिया।
- Written By: आकाश मसने
सीएम देवेंद्र फडणवीस को छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा भेंट करते मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले (सोर्स: सोशल मीडिया)
CM Devendra Fadnavis In Marathi Literature Conference: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 99वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन का शुक्रवार को उद्घाटन किया। सातारा के शाहू स्टेडियम में आयोजित इस भव्य के उद्घाटन के मौके पर सीएम देवेंद्र ने साहित्य को आजाद रखने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए साफ शब्दों में कहा कि जब तक वह मुख्यमंत्री हैं, मराठी साहित्य क्षेत्र में किसी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साहित्यकारों से अपील की कि वे राजनीति में आएं, लेकिन साहित्य के क्षेत्र में राजनीति न लाएं। साहित्य में राजनीति नहीं आने देंगे ऐसा वचन देते हुए उन्होंने कहा कि साहित्य निर्माण समाज की चेतना बढ़ाने के लिए होता है।
🔸 मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांच्या प्रमुख उपस्थितीत आणि ज्येष्ठ लेखिका व विचारवंत डॉ. मृदुला गर्ग यांच्या हस्ते ‘९९व्या अखिल भारतीय मराठी साहित्य संमेलना’चे उदघाटन.
यावेळी मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले, मंत्री जयकुमार गोरे, संमेलनाध्यक्ष विश्वास पाटील व इतर मान्यवर उपस्थित… pic.twitter.com/0Wgu0rqHcG — CMO Maharashtra (@CMOMaharashtra) January 2, 2026
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मराठी भाषा अनिवार्य रहेगी
सीएम फडणवीस ने यह भी ऐलान किया कि राज्य में स्कूली शिक्षा में मराठी भाषा ही अनिवार्य रहेगी। इसके अलावा अन्य कोई भी भारतीय भाषा अनिवार्य नहीं होगी, बल्कि वे ऐच्छिक रहेंगी। अन्य भाषाओं को किस कक्षा से शुरू करना है, इस बारे में निर्णय डॉ. नरेंद्र जाधव की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट आने के बाद लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मराठी भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की आत्मा है।
LIVE | ’99व्या अखिल भारतीय मराठी साहित्य संमेलना’चे उदघाटन 🕜 दु. १.२५ वा. | २-१-२०२६📍सातारा.#Maharashtra #Satara #MarathiSahityaSammelan https://t.co/NSCaF2TbUR — Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) January 2, 2026
छत्रपति शिवाजी महाराज की परंपरा
मुख्यमंत्री फडणवीस ने याद दिलाया कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने राज्यव्यवहार कोश तैयार कर मराठी को प्रशासनिक दर्जा दिया था। उन्होंने आगे कहा कि सरकार भी मराठी के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने की सराहना की और बताया कि अब जेएनयू जैसे संस्थानों में मराठी अध्ययन शुरू हो गया है। सातारा की समृद्ध साहित्यिक परंपरा परंपरा का बखान करते हुए उन्होंने कहा कि अब तक हुए 98 सम्मेलनों में से सर्वाधिक छह सम्मेलन सातारा जिले में आयोजित हुए हैं और 17 सम्मेलन अध्यक्ष सातारा के रहे हैं।
विशिष्ट अतिथि रहे उपस्थित
इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. मृदुला गर्ग, राज्य के लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले, ग्रामविकास मंत्री जयकुमार गोरे, सम्मेलन अध्यक्ष विश्वास पाटिल, 98वें सम्मेलन की अध्यक्ष डॉ. ताराबाई भवालकर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। सम्मेलन अध्यक्ष विश्वास पाटिल ने अपने संबोधन में कहा कि चाहे किसी भी जाति या धर्म का झंडा हो, उसका डंडा मराठी का होना चाहिए। इस ऐतिहासिक आयोजन से मराठी साहित्य को नई ऊर्जा और दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई।
